देवउठनी एकादशी के सावे से एक दिन पहले अलवर शहर के होप सर्कस क्षेत्र में बर्तन, कपड़े ,रेडीमेड गारमेंट के साथ-साथ महिलाओं ने आभूषण, फैंसी ज्वेलरी के साथ सौंदर्य सामग्री की भी खूब खरीदारी की
अलवर. पिछले 5 माह से शादी विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ था, लेकिन देवउठनी एकादशी से अब शादी विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे।
देवउठनी एकादशी के सावे से एक दिन पहले चाक, भात सहित अन्य मांगलिक कार्यों के चलते गली मोहल्ले में बैंड बाजे बजते दिखाई दिए, वहीं अलवर शहर के बाजारों में शादी विवाह की खरीदारी की रौनक परवान पर रही। अलवर शहर के होप सर्कस क्षेत्र में बर्तन, कपड़े ,रेडीमेड गारमेंट के साथ-साथ महिलाओं ने आभूषण, फैंसी ज्वेलरी के साथ सौंदर्य सामग्री की भी खूब खरीदारी की। शहर के दुकानदार इस बात से उत्साहित है कि अब उनका काम अच्छा चलेगा।फूलों के दाम हुए दोगुनादेवउठनी एकादशी के अबूझ सावे पर जिले में बड़ी संख्या में शादियां होती हैं, इसके चलते बाजार में फूलों के दाम आसमान पर पहुंच गए।
सब्जी मंडी में फूल विक्रेता लोकेश कुमार ने बताया कि फूलों के दाम 3 गुना तक बढ़ गए हैं पिछले दिनों गुलाब के फूल 200 रुपए प्रतिकिलो बिक रहे थे, लेकिन देवउठनी पर इनकी कीमत 800 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। मोगरा, हजारा आदि फूलों के दामों में भी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि सावा इतना बड़ा है कि सावे के लिए फूलों की पूर्ति करना मुश्किल हो गया है। बाहर से भी फूल मंगाए गए हैं। फूलों की वरमाला के अलावा स्टेज डेकोरेशन, कार डेकोरेशन, मंडप डेकोरेशन के लिए भी फूलों की मांग बढ़ गई है। फूलों की माला और गजरा के लिए कई माह पहले ही बुकिंग हो चुकी है।गोभी,
मटर और प्याज के बढ़े दाम
देवउठनी एकादशी के बड़े सावे पर सब्जी मंडी में सब्जी के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। घंटाघर सब्जी मंडी के सब्जी विक्रेता मदन सैनी ने बताया कि मटर के भाव 40 से 60 रुपए प्रति किलो और गोभी के दाम भी 80 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। प्याज के दाम 50 से बढकऱ 60 रुपए हो गए। इसके साथ ही आलू, टमाटर के भाव भी बढ़ गए हैं।
पनीर और मावा समय से पहले खत्म
देवउठनी एकादशी के बड़े सावे पर पनीर और मावा की मांग इतनी अधिक है कि बाजार में इनकी उपलब्धता अचानक कम हो गई। शहर के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र से भी मावे की मांग रही।पनीर 330 सौ रुपए किलो और मावा 350 रुपए प्रति किलो तक बिका।
इस बार रात में नहीं रहेगी रौनक
हर साल की तरह देवउठनी एकादशी पर रात में भीड़भाड़ नहीं रहेगी। करोना वायरस के कारण बाजार ठंडा हो गया है, शाम 7 बजे ही बाजार बंद हो जाता है । वहीं 6 बजे बाद बाजार में सन्नाटा होने लगता है। प्रशासन की सख्ती के चलते शाम 7 बजे बाद बारात निकासी जैसी कोई रौनक नजर नहीं आएगी।