
अलवर के ग्राम ठेकड़ा स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (Police Training School) में आरक्षी बैच संख्या 10 का दीक्षांत परेड समारोह (Convocation Parade Ceremony) आयोजित किया गया। समारोह में राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (Additional Director General of Police) दिनेश एमएन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और बुनियादी प्रशिक्षण (Basic Training) पूरा करने वाले नए जवानों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।
समारोह में आईपीएस दिनेश एमएन ने अपने लंबे सेवा अनुभव (Service Experience) और पुलिसिंग के तौर-तरीकों को नए जवानों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखने के साथ-साथ अपराध के बदलते तरीकों से निपटने की चुनौती भी है। अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में पुलिस बल को भी आधुनिक तकनीक और बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार करना होगा।
एडीजी ने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रहा साइबर क्राइम (Cyber Crime), नारकोटिक्स (Narcotics) का अवैध नेटवर्क और सीमा पार यानी पाकिस्तान से ड्रोन तकनीक (Drone Technology) का इस्तेमाल कर ड्रग्स व हथियारों की तस्करी राजस्थान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं। इन अपराधों का नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता है। इसलिए पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के साथ तकनीकी जानकारी भी हासिल करनी होगी, ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि आधुनिक अपराधों से निपटने के लिए पुलिस बल को तकनीक के स्तर पर अपडेट और सक्षम होना जरूरी है। पारदर्शी पुलिसिंग (Transparent Policing) और बेहतर टीम वर्क (Team Work) के बिना संगठित अपराध (Organized Crime) पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाना मुश्किल है। उन्होंने नए जवानों से कहा कि मैदान में काम करते समय हर पुलिसकर्मी को एक टीम की तरह समन्वय बनाकर काम करना चाहिए। आपसी सहयोग और बेहतर तालमेल से ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है।
एडीजी दिनेश एमएन ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी की पहचान सिर्फ वर्दी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और कार्यशैली से बनती है। समाज के कमजोर वर्ग को न्याय दिलाना और अपराधियों में कानून का डर पैदा करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु जवानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, जवान और प्रशिक्षु जवानों के परिजन मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह के बाद नए जवान पुलिस सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार हुए।