अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मेडिकल स्टाफ की संविदा भर्ती में प्लेसमेंट एजेंसी एमजे सोलंकी कम्पनी ने कॉलेज प्रबंधन से मिलीभगत कर जमकर भ्रष्टाचार किया। लाखों रुपए की रिश्वत लेकर 108 में से 80 पदों पर भर्ती कर दी। ए
अलवर. ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में संविदा भर्ती घोटाले का भंडाफोड़ हुए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन एसीबी जांच टीम अब तक भ्रष्टाचार में शामिल कॉलेज प्रबंधन की संलिप्तता तय नहीं कर पाई है। वहीं, अभी तक कॉलेज प्रबंधक के एक भी अधिकारी या कर्मचारी की गिरफ्तारी भी नहीं की गई है। जबकि प्रकरण में शुरुआत से ही कॉलेज प्रबंधन की सीधे तौर पर मिलीभगत उजागर हो चुकी है।
अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मेडिकल स्टाफ की संविदा भर्ती में प्लेसमेंट एजेंसी एमजे सोलंकी कम्पनी ने कॉलेज प्रबंधन से मिलीभगत कर जमकर भ्रष्टाचार किया। लाखों रुपए की रिश्वत लेकर 108 में से 80 पदों पर भर्ती कर दी। एसीबी ने 17 जून को इस भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करते हुए एमजे सोलंकी कम्पनी के मालिक मंजल पटेल उर्फ मिनेष पटेल, फील्ड इंचार्ज भरत पूनिया, सुपरवाइजर कानाराम चौधरी और एम्स जोधपुर के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महिपाल यादव को गिरफ्तार कर करीब 20 लाख रुपए जब्त किए। इसके बाद एसीबी ने अलवर ईएसआईसी मेडिकल में सर्च ऑपरेशन चला भर्ती से सम्बन्धित रेकॉर्ड भी जब्त किया। एसीबी की जांच में भर्ती बोर्ड कमेटी में शामिल कॉलेज की डीन डॉ. हरनाम कौर, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. मुकेश कुमार, नर्सिंग अधीक्षक डॉ. विवेक तिवाड़ी व नर्सिंग उप अधीक्षक डॉ. विनोद तथा वार्ड ब्वाय कप्तान सिंह सहित सांसद के पीए कुलदीप सिंह आदि की भूमिका मिली है, लेकिन अभी तक एसीबी इनमें से एक भी व्यक्ति की गिरफ्तारी तो दूर संलिप्तता तक तय नहीं कर पाई है। जबकि एमजे सोलंकी कम्पनी द्वारा बिना कॉलेज प्रबंधन की संलिप्तता के इतना बड़ा भ्रष्टाचार करना संभव नहीं था।
एसीबी ने कप्तान सिंह को जयपुर तलब किया
संविदा भर्ती घोटाला प्रकरण में एसीबी ने मेडिकल कॉलेज के वार्ड ब्वाय कप्तान सिंह को मंगलवार को जयपुर तलब किया। वहां जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजपाल गोदारा सहित अन्य अधिकारियों से कप्तान सिंह से काफी देर तक पूछताछ की।
जल्द ही फिर अलवर आएगी एसीबी टीम
संविदा भर्ती घोटाले की जांच के लिए जयपुर मुख्यालय से एसीबी टीम जल्द ही फिर अलवर आएगी। उल्लेखनीय है कि प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भिजवाने के बाद जांच अधिकारी एएसपी राजपाल गोदारा सहित पूरी एसीबी टीम जयपुर चली गई थी। मामले में फिलहाल उच्चाधिकारियों को मार्गदर्शन लिया जा रहा है। दो-तीन दिन में एसीबी टीम के फिर अलवर आने की संभावना है।
गहनता से अनुसंधान कर रहे
संविदा भर्ती घोटाले में एसीबी की ओर से गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है। प्रकरण में जब्त किए गए रेकॉर्ड सहित कॉलेज प्रबंधन की संलिप्तता की जांच की जा रही है। जिनकी की भी संलिप्तता सामने आएगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राजपाल गोदारा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी, जयपुर।