अलवर

अलवर: दिल्ली कूच कर रहे किसानों को हरियाणा सीमा पर रोका, हाइवे पर धरने पर बैठे किसान, दोनों राज्यों का भारी पुलिस बल तैनात

राजस्थान के किसान दिल्ली के लिए कूच करना चाहते थे, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें इजाजत नहीं दी, वे अभी हाइवे की सर्विस लेन पर धरने पर बैठे हैं।
2 min read
• •
Updated: 12 Dec 2020, 4:43 PM IST
Farmers Protest On Rajasthan Haryana Border Against Farm Bills
अलवर: दिल्ली कूच कर रहे किसानों को हरियाणा सीमा पर रोका, हाइवे पर धरने पर बैठे किसान, दोनों राज्यों का भारी पुलिस बल तैनात

अलवर. कृषि बिलों के विरोध में दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजस्थान के किसान अलवर में दिल्ली जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर राजस्थान हरियाणा सीमा पर धरने पर बैठ गए हैं। किसानों के दिल्ली-जयपुर हाइवे जाम करने की चेतावनी पर राजस्थान और हरियाणा पुलिस का जाब्ता तैनात किया गया है। अलवर जिले के शाहजहांपुर में पिछले 10 दिनों से किसान मौजूद हैं। वे दिल्ली में किसानों की केंद्र सरकार से बातचीत का इंतजार कर रहे थे। वार्ता सफल नहीं होने पर वे दिल्ली के लिए कूच करने जा रहे थे, लेकिन हरियाणा पुलिस उन्हें हरियाणा की सीमा में प्रवेश नहीं करने दे रही है।

200 से अधिक किसान सीमा पर मौजूद

अलवर जिले के शाहजहांपुर में राजस्थान हरियाणा सीमा पर करीब 50 किसान धरने पर बैठ गए हैं, वहीं करीब उनके 200 समर्थक सीमा पर मौजूद हैं राजस्थान सीमा पर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट, कांग्रेस नेता बस्तीराम जाट और समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश यादव धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने हरियाणा पुलिस से जाने का आग्रह किया। किसान नेताओं का कहना है कि वे जाम नहीं लगाना चाहते, वे केवल दिल्ली जाना चाहते हैं। पुलिस उन्हें सर्विस लेन से जाने की अनुमति दे।

हरियाणा पुलिस का यह तर्क

हरियाणा सीमा में रेवाड़ी पुलिस का जाब्ता तैनात है। हरियाणा पुलिस प्रशासन की ओर से किसानों को हरियाणा की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। हरियाणा पुलिस के डीएसपी अमित भाटिया का कहना है कि किसानों ने दिल्ली-जयपुर हाइवे जाम का एलान किया था, ऐसे में अब हरियाणा पुलिस उन्हें आगे नहीं जाने दे सकती। अगर किसान शांतिपूर्वक तरीके से पहले ही सर्विस लेन से निकल जाते तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी।

सीमा पर मौजूद किसान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं। किसानों के साथ मौजूद कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि किसानों ने भाजपा का समर्थन किया था, तभी वे चुनाव जीत पाए थे, आज किसान उनके खिलाफ हैं। मोदी सरकार को यह कानून वापस लेना चाहिए, नहीं तो यह आंदोलन और भी उग्र होगा।

Published on: