
सरिस्का में गत पौने 6 महीने से नही मिल पा रही बाघिन एसटी-5 के गायब होने का मामला गुरुवार को वन अधिनियम के तहत दर्ज किया गया।
बाघिन एस टी5 के गत 24 फरवरी को अंतिम बार सिग्नल मिले थे उसके बाद से बाघिन गायब चल रही थी। बाघिन को ढूंढने के लिए सरिस्का प्रशासन ने खूब प्रयास किए लेकिन वह नही मिल सकी। इसके लिए सरिस्का में300 से ज्यादा कैमरे भी लगाए गए। उनमें भी बाघिन एस टी5 की फोटो कैद नहीं हो पाई। लंबे समय तक बाघिन की तलाश के बाद सरिस्का प्रशासन ने बाघिन एस टी5 को गायब मानते हुए अब मामल दर्ज किया है। मामले की जांच अकबरपुर रेंज के रेंजर धर्मवीर सिंह को सौंपी गई है। जांच के दौरान बाघिन के गायब होने, अंतिम सिग्नल व पगमार्क मिलने, बाघिन के शिकार की आशंका एवं बाघिन एस टी5 के झूठे सिग्नल मिलने की जांच की जाएगी।
विभागीय जांच पूर्व से ही जारी: बाघिन एस टी5 के गायब होने की विभागीय जांच सरिस्का प्रशासन पहले से कर रहा है। अब मामला दर्ज करने के बाद अलग से जांच अधिकारी ने जांच शुरू कर दी है।
कुएं में मिली थी हड्डियां
पिछले दिनों शूकर के शिकार के आरोप में गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ में जयसिंहपुरा गांव के दो कुओं में बड़ी बिल्ली प्रजाति (बाघ व पैंथर) के अवशेष डालने की पुष्टि हुई थी। बाद में जांच में एक कुए में बड़ी बिल्ली प्रजाति के वन्य जीव की हड्डियां व कंकाल मिले थे व दूसरे कुए में शूकर की हड्डियां मिली थी। इन हड्डियों को जांच के लिए देरादून लैब में भेजा गया है। आरोपियो ने खेत पर लगे तार में बिजली के करंट प्रवाहित करने से चिपककर पैंथर की मौत होने और उसका शव कुए में डालने की बात कूबली थी।लेकिन आशंका है कि कुए में मिले अवशेष बाघिन एसटी5 के हो सकते है। बाघिन का शिकार करके शव को इन कुओ में डालने की आशंका है।
अंतिम सिग्नल मिलने को लेकर संशय
सरिस्का में बाघिन एस टी 5 के अंतिम बार मिले सिग्नल व पगमार्क को लेकर संशय बना हुआ है।विभाग की ओर से बाघिन के अंतिम सिग्नल व पगमार्क उसकी टेरिटरी उमरी रॉट कयला के आस पास बताई गई थी। सूत्रों का कहना है कि बाघिन के अंतिम पगमार्क व सिग्नल जयसिंहपुरा के पास मिले थे। दर्ज मामले में बाघिन की अंतिम सूचना बालेटा नाके के पास होने ही आशंका जताई गई है।