अलवर

Alwar: अनुभव प्रमाण पत्र व सत्यापन में फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले लिपिक पर दौसा में रिपोर्ट दर्ज

जिला परिषद की लिपिक भर्ती में फर्जीवाड़ा कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। अब दो तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के हस्ताक्षर से किए गए फर्जीवाड़े में चौथी एफआइआर दौसा में दर्ज हुई है।
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Jul 13, 2026
jila parishad
जिला परिषद अलवर

जिला परिषद के दो तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के हस्ताक्षर से किए गए फर्जीवाड़े में पुलिस ने चौथी एफआइआर दर्ज की है। यह केस दौसा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है। क्योंकि अलवर के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से ही अभ्यर्थी जिला परिषद दौसा में लिपिक बना था। इस रिपोर्ट के दर्ज होते ही जिला परिषद अलवर में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह में हड़कंप मचा है। बताया जा रहा है कि संबंधित लिपिक ने कुछ समय पहले यहां के एक लिपिक का नाम उजागर किया था, जिसने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनाया था।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

मामले में करौली जिले की नादौती तहसील के रहने वाले उम्मेद सिंह गुर्जर ने 8 मार्च, 2013 को जारी हुए अनुभव प्रमाण पत्र को जिला परिषद दौसा की लिपिक भर्ती 2023 में प्रस्तुत किया। इस अनुभव प्रमाण पत्र पर जिला परिषद अलवर के तत्कालीन सीईओ कमल राम मीणा (वर्तमान में ब्यावर कलक्टर) के फर्जी हस्ताक्षर थे। इस अनुभव प्रमाण पत्र में उम्मेद गुर्जर ने खुद को वर्ष 2009 से 2012 तक बानसूर में ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत बताया था। यह अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद दौसा सीईओ की ओर से अलवर जिला परिषद सीईओ को 26 जुलाई, 2023 को एक पत्र भेजकर इस अनुभव प्रमाण पत्र की सत्यापन रिपोर्ट मांगी। चौंकाने वाली बात ये है कि जिला परिषद अलवर के लेटरहेड पर तत्कालीन सीईओ कनिष्क कटारिया (वर्तमान में भरतपुर विकास प्राधिकरण में आयुक्त) के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से अगले ही दिन 27 जुलाई, 2023 को फर्जी सत्यापन रिपोर्ट जिला परिषद दौसा भी पहुंच गई। इसके आधार पर उम्मेद गुर्जर को लिपिक पद पर नौकरी मिल गई। यह भी सामने आया कि तत्कालीन सीईओ कमल राम मीणा के वर्ष 2013 के और तत्कालीन सीईओ कनिष्क कटारिया के 2023 के हस्ताक्षर के नीचे एक ही मुहर लगाई गई है।

ये दर्ज हुई हैं अब तक एफआइआर

-अगस्त, 2023 में अरावली विहार थाने में दो शिक्षकों और एक लिपिक के खिलाफ मुकदमा एसओजी ने दर्ज कराया था।
-जून, 2025 में एसओजी की ओर से जयपुर के बनी पार्क थाने में अलवर सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर से अनुभव प्रमाण पत्र में सत्यापन रिपोर्ट जारी करने के मामले में दूसरा मुकदमा दर्ज कराया गया।
-तीसरा मुकदमा जिला परिषद ने अरावली विहार थाने में नवंबर, 2025 में दर्ज कराया गया। इसमें भी तत्कालीन सीईओ अलवर के फर्जी हस्ताक्षर से अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें जिला परिषद की भर्ती शाखा का लिपिक राजेश यादव गिरफ्तार भी हुआ था।
-अब यह चौथा मुकदमा दौसा थाने में जिला परिषद दौसा के लिपिक उम्मेद गुर्जर के खिलाफ दर्ज किया गया है।

Updated on:
13 Jul 2026 10:59 am
Published on:
13 Jul 2026 10:59 am