
ग्रामीणों का एईएन ऑफिस पर धरना (फोटो - पत्रिका)
नारायणपुर में बिजली विभाग की नई नीतियों से आम जनता और किसानों में भारी नाराजगी है। मंगलवार को यह गुस्सा उस समय सड़कों पर आ गया, जब सैकड़ों की संख्या में किसान और ग्रामीण बिजली विभाग के एईएन (AEN) कार्यालय के बाहर जमा हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग बिना किसी ठोस कारण के उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि जमा कराने के मनमाने नोटिस भेज रहा है। इन नोटिसों को तुरंत वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने दफ्तर के बाहर ही डेरा डाल दिया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता राकेश दायमा ने बताया कि बिजली विभाग ने क्षेत्र के सैकड़ों गरीब किसानों और आम उपभोक्ताओं को दो हजार से लेकर चार हजार रुपये तक की अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि जमा कराने के नोटिस थमा दिए हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में किसान वैसे ही खेती की बढ़ती लागत, मौसम की बेरुखी और तंगहाली से जूझ रहा है। ऐसे मुश्किल दौर में विभाग की तरफ से बिना किसी स्पष्टीकरण के इस तरह के नोटिस भेजना आम जनता की कमर तोड़ने जैसा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग ने यह नोटिस जारी करने से पहले उपभोक्ताओं को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और न ही इसका कोई सही कारण बताया। इस वजह से पूरे क्षेत्र में भ्रम और चिंता का माहौल बना हुआ है। हर किसी को यह डर सता रहा है कि अगर वे यह राशि जमा नहीं करा पाए, तो कहीं उनका बिजली कनेक्शन न काट दिया जाए। किसानों ने मांग रखी है कि विभाग पहले इस अतिरिक्त वसूली का आधार जनता के सामने रखे और इन विवादित नोटिसों को तुरंत प्रभाव से निरस्त करे।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग और प्रशासन ने उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को तहसील स्तर पर और बड़ा रूप दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शन के आखिर में किसानों ने विभागीय अधिकारियों से मिलकर अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने साफ किया कि ठोस कार्रवाई होने तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।
Updated on:
14 Jul 2026 01:36 pm
Published on:
14 Jul 2026 01:36 pm
