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Alwar News: अलवर की झिरी खान विवाद, NGT के आदेश पर भी अधूरा रहा सीमांकन

अलवर के झिरी क्षेत्र की एक प्रमुख खान के सीमांकन (Demarcation) को लेकर विवाद गहरा गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के बाद प्रशासन और विभिन्न विभागों की टीम मौके पर तो पहुंची, लेकिन नक्शों के अंतर और तकनीकी पेंच के कारण पत्थरगढ़ी नहीं हो सकी, जिससे सीमांकन अधूरा रह गया।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 14 Jul 2026, 11:50 AM IST

alwar jhiri mine

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एनजीटी के आदेश पर झिरी की खान का अधूरा सीमाज्ञान किया गया। वास्तविक सीमांकन करने के बाद पत्थरगढ़ी करनी थी, जो नहीं की गई। इस पर खनन विभाग ने असहमति जाहिर की और 9 जून तक इस रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किए। हालांकि बाद में हस्ताक्षर करवा लिए गए। उसी दौरान भू-प्रबंधन विभाग ने पत्थरगढ़ी करने से इसलिए मना कर दिया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं। राजस्व कार्मिकों को तकनीकी सहयोग दे सकते हैं। ऐसे में खान की पत्थरगढ़ी न होने के मामले में अब एनजीटी में अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

खान का संचालन नहीं हो पाया

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से एनओसी लेने वाली झिरी की एक खान को करीब चार माह पहले बंद कर दिया गया था। कहा गया कि वन विभाग की जमीन पर खनन किया गया। आपत्तियां दायर करने के बाद उनका निस्तारण हुआ, लेकिन खान का संचालन नहीं हो पाया, तो मामला एनजीटी पहुंचा।

जहां खान के वास्तविक मेजरमेंट कर पत्थरगढ़ी करने के आदेश दिए गए। इसके लिए जिला कलक्टर ने थानागाजी एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई और मेजरमेंट के लिए खनन विभाग, भू-प्रबंधन विभाग, प्रशासन, राजस्व, सरिस्का की टीम पहुंची।

दोनों नक्शों की नाप अलग-अलग

यह मेजरमेंट वर्ष 2004 से वर्ष 2026 के नक्शे के आधार पर डीजीपीएस प्रणाली से किया गया, जिसमें खान का क्षेत्रफल 8.85 हेक्टेयर आया, जबकि खान अलॉटमेंट के समय वर्ष 1971 से 2004 के नक्शे के अनुसार क्षेत्रफल 7.89 आया था। यानी दोनों नक्शों की नाप अलग-अलग आई।

मौके पर बात पत्थरगढ़ी की आई, तो इस पर भू-प्रबंधन विभाग ने मना कर दिया। इसकी रिपोर्ट एसडीएम थानागाजी ने जिला कलक्टर को भेज दी है। खान संचालिका डॉ. अनिता कंवर राठौर ने इस मामले को लेकर जिला कलक्टर को पत्र लिखा है।


यह कहती है नई एसओपी

नई एसओपी कहती है कि यदि किसी खान के पास वन विभाग की जमीन है, तो उसे खान संचालक की सहमति से कम करके खान का संचालन किया जाए, लेकिन यहां प्रशासन, खान विभाग यह नहीं कर पा रहे। नई एसओपी को लागू नहीं कर रहे। सरकार ने नई एसओपी इसलिए जारी की थी कि राजस्व का नुकसान न हो और सीमा विवाद खत्म हो जाए, जिससे प्रदेश की 200 से अधिक खानों को राहत मिली है।

इस मामले में सर्वे रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है। दोबारा सर्वे के आदेश जिला कलक्टर कार्यालय से नहीं मिले हैं। वहां से आदेश मिलने के बाद ही अगला कदम उठाएंगे - सविता शर्मा, एसडीएम थानागाजी