
अलवर। बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को विधायक कोटे से स्कूल खेल सामग्री वितरण में हुए कथित घोटाले के मामले में शनिवार को न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन दिन का रिमांड पूरा होने पर पूर्व विधायक यादव को जयपुर स्थित विशिष्ट न्यायालय सीबीआई संख्या-3 में पेश किया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी।
शनिवार को सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। बलजीत यादव के बचाव पक्ष ने उनकी गिरफ्तारी को पूरी तरह ‘अवैध’ बताया। वकीलों ने मांग की कि जब तक गिरफ्तारी की वैधता तय नहीं हो जाती, तब तक आगे की प्रक्रिया न बढ़ाई जाए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और 9 फरवरी को ईडी को इस बिंदु पर बहस के लिए समय दिया है।
अदालत से बाहर निकलते समय पूर्व विधायक बलजीत यादव ने मीडिया से बातचीत में इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह फर्जी मामला है। वर्तमान विधायक जसवंत यादव को उपचुनाव और पंचायत चुनावों में हार का डर सता रहा है। वे षड्यंत्र रचकर मुझे उलझाना चाहते हैं। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, जीत सत्य की ही होगी।
ईडी की जांच के अनुसार, बलजीत यादव पर अपने कार्यकाल (2018-2023) के दौरान 2.87 करोड़ रुपए के विधायक फंड का दुरुपयोग करने का आरोप है। इसी सिलसिले में ईडी ने उन्हें 3 फरवरी की रात शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास से हिरासत में लिया था।