अलवर

ट्रेन में चोरी करने वाला गिरोह अरेस्ट, यूं चकमा दे पार कर लेते थे लोगों का कीमती सामान

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Aug 04, 2018
gang held for theft in trains in Alwar
gang held for theft in trains in Alwar

अलवर। अलवर के जीआरपी थाना पुलिस ने ट्रेन में लूटपाट करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह आए दिन ट्रेनों में यात्रियों से लूटपाट किया करते थे, जिनको जीआरपी पुलिस ने अलवर स्टेशन पर जयपुर हिसार एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया है। जीआरपी पुलिस ने आज इनका सामान्य चिकित्सालय में मेडिकल कराया है। उसके बाद इस गिरोह को अजमेर रेलवे कोर्ट में पेश किया जाएगा। जीआरपी थाना हैडकांस्टेबल अशोक ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि जयपुर हिसार ट्रेन में दो युवक विक्रम ओर सलामुद्दीन ने एक यात्री के बैग को पार कर लिया और फरार हो गए। इस सूचना पर नाकाबंदी की गई और दोनों को पकड़ लिया। इनके कब्जे से बैग बरामद कर लिया है। पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि गिरोह बनाकर ट्रेनों में चोरी और लूटपाट करते हैं और माल लेकर फरार हो जाते हैं।

दूसरी ओर शहर में पिछले कुछ महीनों से लगातार महिलाओं के गले से चेन स्नेचिंग की वारदातें हो रही हैं। भिवाड़ी थाना पुलिस ने पिछले दिनों अंतरराज्यीय गिरोह के चार जनों को गिरफ्तार कर चेन स्नेचिंग की 28 वारदातों का खुलासा किया था जिनमें से करीब 10 चेन स्नेचिंग की वारदात अकेले शहर कोतवाली थाना क्षेत्र की थी। कोतवाली थाना पुलिस के जांच अधिकारी की लापरवाही से गिरोह का मास्टर माइंड आबिद पुलिस चंगुल से बच निकला और अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदातें कर रहा है।

पुलिस को संदेह है कि पिछले दिनों आबिद ने ही एनईबी थाना क्षेत्र में दो चेन लूट की वारदातों का अंजाम दिया। पड़ताल में सामने आया कि बदमाश अपाची बाइक से शहर में आते हैं। यहां किराए पर रहने वाले अपने दोस्तों के पास जाते हैं। उनकी दूसरी बाइक लेकर शहर में चेन स्नेचिंग की वारदात करते हैं और उसके बाद वापस अपने दोस्तों के कमरे पर चले जाते हैं। कुछ घंटों बाद पुलिस की नाकेबंदी ठण्डी पडऩे के बाद अपनी बाइक उठाकर रवाना हो जाते हैं।

नहीं कराते वैरिफिकेशन

नियमानुसार किरायेदारों का पुलिस वैरिफिकेशन कराना अनिवार्य है, लेकिन जिले में पुलिस की ढिलाई और आमजन की सुस्ती के कारण ऐसा नहीं हो रहा है। किरायेदार रखने से मकान मालिक को सम्बन्धित पुलिस थाने से किरायेदारों का पुलिस वैरिफिकेशन फार्म लेकर किरायेदार से भराना होता है जिसमें किरायेदार की फोटो, आईडी सहित समस्त जानकारी भरी जाती है। उसके बाद उक्त फार्म को थाने में जमा कराना होता है जिसके आधार पर पुलिस किरायेदार का वैरिफिकेशन करती है। लोग बिना पुलिस वैरिफिकेशन कराए ही अपना मकान व कमरा किराए पर दे देते हैं जिसके कारण अपराधियों को छिपने या रहने के लिए आसानी से ठिकाना मिल जाता है।

Published on:
04 Aug 2018 11:52 am