भले ही ज्वाइंट फैमिली का चलन घट रहा है, लेकिन कोरोनाकाल के बाद प्रॉपर्टी डीलिंग का नया ट्रेंड शुरू हो गया है।
सुशील कुमार
Alwar News: भले ही संयुक्त परिवार (ज्वाइंट फैमिली) का चलन घट रहा है, लेकिन अलवर समेत पूरे एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में लोग भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बड़े घर पसंद कर रहे हैं। रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक की ओर से किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि कोरोनाकाल से पहले घरों का औसत आकार 1145 वर्ग फीट था। अब यह बढ़कर 1513 वर्ग फीट तक पहुंच गया है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, अलवर आदि शहरों में बिल्डर कुल लॉचिंग में से 77 फीसदी भाग लग्जरी फ्लैट का रख रहे हैं।
अलवर में जयपुर, दिल्ली, बहरोड़ व तिजारा मार्ग पर रियल एस्टेट का बिजनेस बढ़ रहा है। दिल्ली रोड पर हाई प्रोफाइल फ्लैट तैयार किए गए हैं, जिनका साइज 1100 से लेकर 1500 वर्ग फीट तक है। यानी चार रूम का यह पूरा सेट है। हालांकि 11 मंजिला इस भवन में गिनती के ही लोग रह रहे हैं, लेकिन फ्लैट सभी बिक गए। एक बिल्डर के ऑफिस मैनेजर विकास साहू का कहना है कि लोग एक या दो रूम के फ्लैट से ज्यादा तीन व चार रूम के कमरे का चयन कर रहे हैं। मिनी सचिवालय से लेकर प्रताप ऑडिटोरियम के आसपास कुछ फ्लैट बनाए गए हैं। उनका आकार भी एक हजार वर्ग फीट से ज्यादा है। यानी डिमांड के आधार पर ही फ्लैट का आकार बिल्डरों ने बढ़ाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में जनवरी से जून के बीच 24,300 मकानों की लॉन्चिंग हुई, जिसमें 18,600 भवन बड़े आकार के थे। मुंबई में यह ट्रेंड तेजी से आगे नहीं बढ़ पाया। वहां फ्लैट्स का औसत आकार 5 फीसदी तक ही बढ़ा, जबकि एनसीआर में 77 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई। यूआईटी से सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि लोगों में बड़ा घर लेने का चलन बढ़ा है। यही कारण है कि यूआईटी हो या फिर अन्य आवासीय कॉलोनी विकसित करने वाली एजेंसी। सभी छोटे आकार के साथ बड़े आकर वाले घरों को एरिया ज्यादा रखती हैं। हालांकि यूआईटी के आवासों के ग्राहक हर वर्ग के हैं।
शहर के 200 फीट मार्ग पर एमआईजी फ्लैट की दरें 24 लाख से 30 लाख के बीच हैं। एरिया 850 वर्ग फीट से ज्यादा है। दिल्ली मार्ग पर एमआईजी फ्लैट्स की दरें 30 लाख से 35 लाख, जयपुर मार्ग पर 32 लाख से 34 लाख तक हैं। शहर के चारों ओर बनाए जा रहे 4 बीएचके के दाम 35 लाख से ज्यादा हैं। एरिया 1100 वर्ग फीट से ज्यादा है।
दूसरे शहरों की अपेक्षा अलवर में बड़े घरों की डिमांड तो कम है, लेकिन अलवर में यह चलन बढ़ रहा है। लोग बड़े घरों में रहना पसंद कर रहे हैं। उसी के मुताबिक फ्लैट्स तैयार किए जा रहे हैं।
-मनोज चाचान, बिल्डर
पिछले कुछ सालों से बड़े घरों की डिमांड बढ़ी है। यह रियल एस्टेट के लिए अच्छी खबर है। लोगों के हिसाब से ही फ्लैट्स आदि तैयार किए जा रहे हैं।
-संजय अरोड़ा, बिल्डर