नटनी का बारा से अलवर मार्ग 10 मीटर चौड़ा होने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी एनएच विंग ने काम शुरू कर दिया है। करीब चार माह में यह काम पूरा होगा। आगे सरिस्का एलिवेटेड रोड से जुड़ेगा। इस चौड़ीकरण से जयपुर की राह आसान होगी। अभी 14 किमी की दूरी 40 मिनट में तय होती है, मार्ग चौड़ा होने के बाद 20 मिनट लगेंगे।
नटनी का बारा से अलवर मार्ग 10 मीटर चौड़ा होने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी एनएच विंग ने काम शुरू कर दिया है। करीब चार माह में यह काम पूरा होगा। आगे सरिस्का एलिवेटेड रोड से जुड़ेगा। इस चौड़ीकरण से जयपुर की राह आसान होगी। अभी 14 किमी की दूरी 40 मिनट में तय होती है, मार्ग चौड़ा होने के बाद 20 मिनट लगेंगे।
अलवर शहर से नटनी का बारा एनएच-248 ए है। अभी यह मार्ग टू-लेन से भी कम है। अब इसे केंद्र सरकार इंटरमीडिएट लेन बनाने जा रही है। यह 14 किमी मार्ग बनेगा। कुछ गांवों की जमीन भी इसके लिए ली गई है। बदले में किसानों को मुआवजा मिलेगा। पीडब्ल्यूडी एनएच के अनुसार यह मार्ग अभी साढ़े पांच मीटर चौड़ा है। इस समय जर्जर हालत में है। जयपुर जाने के लिए भी यही मार्ग है।
नटनी का बारा तक लोगों को पहुंचने के लिए 40 से 45 मिनट लग जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पीडब्ल्यूडी की एनएच विंग ने इसके चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया और केंद्र सरकार को भेज था, जहां से मंजूरी मिली और काम शुरू हुआ। अब यह मार्ग साढ़े पांच मीटर से चौड़ा होकर 10 मीटर का हो जाएगा। वाहनों की रफ़्तार तेज हो जाएगी। सड़क निर्माण पर 88 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बाकी रकम जमीन लेने व मुआवजा आदि के रूप में खर्च होगी।
इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा थानागाजी से मुंडावर मोड का चौड़ीकरण भी है। यह साढ़े 11 किमी लंबा है। इसके चौड़ीकरण से भी जयपुर मार्ग की दूरी कम होगी।
सरिस्का में एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। जैसे ही यह बनेगा तो अलवर से नटरी का बारा मार्ग उसमें जुड़ जाएंगे। वाहन सीधे रतार भरकर एलिवेटेड मार्ग पर चलेंगे। एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास गया हुआ है। अभी मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि रूट के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच ने वन विभाग से एनओसी मांगी है।
नटनी का बारा से अलवर मार्ग चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। समय सीमा में पूरा करवाया जाएगा। - राहुल जांगिड़, एईएन, पीडब्ल्यूडी एनएच
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