
वर्ष 2026 में अधिक मास होने के कारण त्योहारों की तिथियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस साल दो ज्येष्ठ माह होंगे, जिसके चलते हिन्दी पंचांग के अनुसार महीनों की संख्या 12 के बजाय 13 हो जाएगी। एक माह अतिरिक्त होने से पूरे वर्ष का त्योहारी कैलेंडर आगे-पीछे हो गया है।
शुरुआती छह महीने में पड़ने वाले त्योहार 2025 के मुकाबले 10 दिन पहले आएंगे, जबकि आखिरी छह महीने के त्योहार 16 से 19 दिन तक देरी तक आएंगे। हालांकि मकर संक्रांति सूर्य (सौर वर्ष) पर आधारित पर्व है इसलिए यह ज्यादातर 14 जनवरी तो किसी साल 15 जनवरी को होती है।
वर्ष 2025 के कैलेंडर पर नजर डालें तो होली 14 मार्च को थी, लेकिन 2026 में यह 4 मार्च को होगी। इसी तरह दिवाली 20 अक्टूबर को थी, लेकिन 2026 में यह करीब 18 दिन देरी से 8 नवंबर को आएगी। इसी तरह अन्य कई त्योहार भी 2025 के मुकाबले आगे-पीछे हैं।
चंद्र वर्ष 354 दिन का होता है, जबकि सौर वर्ष के 365 दिन होते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए हर तीन साल में अधिकमास होता है, जिसकी वजह से पर्व की तिथियों में काफी दिनों का अंतर आ जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार अधिक मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून को समाप्त होगा।
ये त्योहार आएंगे पहले
मौनी अमावस्या 2025 में 29 जनवरी, 2026 में 18 जनवरी
वसंत पंचमी 2025 में 03 फरवरी, 2026 में 23 जनवरी
महाशिवरात्रि 2025 में 26 फरवरी, 2026 में 15 फरवरी
होली 2025 में 14 मार्च, 2026 में 03 मार्च
चैत्र नवरात्रि 2025 में 30 मार्च, 2026 में 19 मार्च
रामनवमी 2025 में 06 अप्रैल, 2026 में 27 मार्च
महावीर जयंती 2025 में 10 अप्रैल, 2026 में 31 मार्च
हनुमान जयंती 2025 में 12 अप्रैल, 2026 में 02 अप्रैल
अक्षय तृतीया 2025 में 30 अप्रैल, 2026 में 20 अप्रैल
बुद्ध पूर्णिमा 2025 में 12 मई, 2026 में 01 मई
गंगा दशहरा 2025 में 05 जून, 2026 में 26 मई
रक्षाबंधन 2025 में 09 अगस्त, 2026 में 28 अगस्त
जन्माष्टमी 2025 में 16 अगस्त, 2026 में 4 सितंबर
गणेश चतुर्थी 2025 में 27 अगस्त, 2026 में 14 सितंबर
शारदीय नवरात्र 2025 में 22 सितंबर, 2026 में 11 अक्टूबर
दशहरा 2025 में 02 अक्टूबर, 2026 में 21 अक्टूबर
दीपावली 2025 में 20 अक्टूबर, 2026 में 08 नवंबर
Updated on:
02 Jan 2026 12:40 pm
Published on:
02 Jan 2026 12:40 pm
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