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Alwar Crime News: मासूमियत को खिलौना समझने वाले और दरिंदगी की हदें पार करने वाले अपराधियों के लिए अलवर की विशिष्ट न्यायालय (पॉक्सो संख्या 2) ने एक कड़ा संदेश दिया है। नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के आरोपी को न्यायाधीश शिल्पा समीर ने 'आजीवन कठोर कारावास' की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने न केवल आरोपी को जेल भेजा, बल्कि उस पर 4 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है।
अदालत में सुनवाई के दौरान जब सजा का ऐलान हुआ, तो दोषी की ओर से सजा कम करने या नरमी बरतने की गुहार लगाई गई। इस पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों में नरमी का कोई स्थान नहीं है। जज ने आरोपी की याचिका को खारिज करते हुए कठोर सजा को यथावत रखा।
विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव ने बताया कि इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने अपनी बुआ को आपबीती सुनाई। आरोपी मासूम को टॉफी, कुरकुरे और कोल्ड ड्रिंक जैसे छोटे-छोटे प्रलोभन देकर अपने घर ले जाता था। दरिंदगी का यह सिलसिला एक-दो बार नहीं, बल्कि 10 से 15 बार दोहराया गया। आरोपी मासूम को डरा-धमकाकर चुप रहने पर मजबूर करता था।
न्यायालय ने पीड़िता के दर्द को समझते हुए उसे 2 लाख रुपये की प्रतिकर राशि (compensation) दिलाने की भी अनुशंसा की है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अनुसंधान पूरा किया और ठोस सबूत पेश किए, जिसके आधार पर आज यह ऐतिहासिक न्याय संभव हो पाया।
Updated on:
03 Jan 2026 08:00 am
Published on:
03 Jan 2026 08:00 am
