अलवर

भयानक हालात: हरियाणा में बैड नहीं मिला तो बुजुर्ग मां को राजस्थान लाया बेटा, यहां वेंटीलेटर नहीं मिला, नहीं बच सकी जान

वेंटीलेटर मिल जाता तो मेरी मां की जान बच जाती...- अलवर के अस्पताल में कोरोना से वृद्ध महिला की मौत- एनईबी श्मशान घाट में किया दाह संस्कार

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Apr 24, 2021
Haryana Women Dies In Alwar Due To Unavailability Of Ventilaor
भयानक हालात: हरियाणा में बैड नहीं मिला तो बुजुर्ग मां को राजस्थान लाया बेटा, यहां वेंटीलेटर नहीं मिला, नहीं बच सकी जान

अलवर. कोरोना से हाल इतने गंभीर हो चुके हैं कि एक अनजान शहर में बेटे ने अपनी मां को खो दिया। अलवर शहर के एक निजी अस्पताल में कोरोना से बहादुरगढ़-हरियाणा निवासी एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। महिला का एनईबी श्मशान घाट में दाह संस्कार किया गया, लेकिन इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल की पालना नहीं की गई। मृतका के बेटा बोला कि यदि अस्पताल में वेंटीलेटर मिल जाता तो शायद उसकी मां की जान बच सकती थी।

हरियाणा के बहादुरगढ़ निवासी पुष्पा चौहान (64) पत्नी सतेंद्र चौहान को बहादुरगढ़ में बुखार आया था। दवा लेने के बाद भी बुखार सही नहीं होने पर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हरियाणा के अस्पतालों में बेड नहीं मिला। भिवाड़ी में एक कम्पनी में नौकरी करने वाले गौरव चौहान अपनी मां पुष्पा चौहान को 18 अप्रेल को भिवाड़ी ले आए और निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। 20 अप्रेल को वहां से पुष्पा चौहान को रैफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने उन्हें अलवर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह कोरोना से पुष्पा चौहान की मौत हो गई।

नहीं पहनी हुई थी पीपीई किट

मौत के बाद परिजन महिला के शव के लेकर एनईबी श्मशान घाट पहुंचे। महिला का शव तो पॉलीथिन में पैक किया हुआ था, लेकिन दाह संस्कार में शामिल लोगों ने पीपीई किट नहीं पहनी हुई थी। महिला के दाद संस्कार में पति, बेटा और बेटे का दोस्त तीन लोग ही शामिल हुए थे।

कहीं बेड नहीं मिला, वेंटीलेटर के लिए भटकता रहा

कोरोना से अपनी मां को खोने के बाद से गौरव चौहान गहरे सदमे में है। पत्रिका से बातचीत करते हुए गौरव रोते हुए बोला कि उसने अपनी मां के इलाज के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। पूरे एनसीआर में उसने अस्पतालों में सम्पर्क किया, लेकिन उन्हें किसी भी अस्पताल में बेड नहीं मिला। 20 अप्रेल को अलवर के एक निजी अस्पताल में बेड मिलने पर मां को भर्ती कराया। उनकी मां के लंग्स 70 प्रतिशत संक्रमित हो गए थे। उन्हें वेंटीलेटर की जरुरत थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने वेंटीलेटर उपलब्ध नहीं कराया। वह देर रात तक पूरे अलवर के अस्पतालों में भटकता रहा, लेकिन किसी ने वेंटीलेटर उपलब्ध नहीं कराया। यदि वेंटीलेटर मिल जाता तो शायद उसकी मां की जान बच सकती थी।

सरकारें सिर्फ शोर मचाती है

गौरव चौहान ने अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन बेड, वेंटीलेटर और जरुरी इंजेक्शनों की कमी पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि अस्पतालों में बुरी स्थिति है। कितना भी पैसा खर्च कर लो कोई फायदा नहीं। सरकारें सिर्फ शोर मचाती है आमजन के लिए अस्पतालों में कोई सुविधा नहीं है।

Published on:
24 Apr 2021 05:20 pm