कोरोना की जांच के बाद मरीज की रिपोर्ट आती है लेकिन अब निजी अस्पताल कोरोना जांच के बिना संक्रमित का पता लगा रहे हैं
अलवर. अब केोरोना की जांच का विल्कप सिटी स्कैन को बना लिया है। संदिग्ध मरीज आते ही सबसे पहले उसकी सिटी स्कैन होती है। उसके बाद ही इलाज शुरू होता है। जो मरीज सिटी स्कैन नहीं कराता उसे कोरोना की जांच कराने को कहा जाता है।
निजी अस्पतालों में भी आउटडोर तेजी से बढऩे लगा है लेकिन मरीजों का इलाज करने से पहले कोरोना की जांच कराना जरूरी होता है। अन्यथा किसी संक्रमित से दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने का डर होता है। सरकारी अस्पताल में सबको सैंपल के लिए भेजा नहीं जा सकता। काफी मरीज सरकारी अस्पताल आने से बचते हैं।
चिकित्सक डॉ. अशोक महावर का कहना है कि कोरोना से पीडि़त मरीजों का सिटी स्कैन से पता लग जाता है। जिनमें अधिक लक्षण होते हैं उनका आसानी से मालूम चल जाता है तभी तो सिटी स्कैन भी कराने लगे हैं। इसी वजह से जिला अस्पताल में भी कोरोना के मरीजों की सिटी स्कैन नि:शुल्क होने लगी है। ताकि उनमें संक्रमण का मालूम चल सके। अधिक संक्रमण होने पर उसके अनुसार दवा दी जाती है। कार्रवाई में रुपए लेने का एक वीडियो भी वायरल हुआ। जिस पर उन्हें निलम्बित भी किया गया, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें बहाल कर वापस सहायक अतिक्रमण प्रभारी के पद पर लगा दिया गया।