अलवर शहर में पति के दाह संस्कार के कुछ घंटे बाद उनकी पत्नी का भी निधन हो गया। वे भी अस्पताल में भर्ती थी।
अलवर शहर में कोरोना संक्रमण से पति की मौत के बाद दाह संस्कार के कुछ घंटे बाद ही उनकी पत्नी भी चल बसी। वे वेंटिलेटर पर मौत व जिंदगी की जंग लड़ रही थी।
मनुमार्ग हाउसिंग बोर्ड निवासी करीब 80 वर्षीय मदन लाल शर्मा का निधन शुक्रवार शाम को हुआ था। उन्हें घर पर शुक्रवार शाम को सीने में अचानक दर्द होने पर शहर के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। उनकी रास्ते में ही शाम करीब 6 बजे मौत हो गई। शर्मा काफी दिनों से फेफड़ो के संक्रमण से पीडि़त थे। शर्मा का दाह संस्कार शनिवार सुबह 9 बजे अलवर में किया गया। उनके दाह संस्कार के कुछ ही समय बाद पत्नी तारावंती ने सुबह 11 बजे बहरोड़ के एक प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ दिया। पति की मौत के 18 घंटे में पत्नी भी चल बसी।
78 वर्षीय पत्नी तारावंती का इलाज भी चल रहा था जिन्हें ब्रेन स्ट्रोक हो गया था। वे वेंटिलेटर पर थी। इनका कोविड गाइड लाइन के अनुसार ही दाह-संस्कार तीजकी श्मशान घाट पर किया गया। इनके दामाद डॉ. भारत भूषण भारद्वाज का कहना है कि 18 घंटे में ही एक ही परिवार में दो मौत हो गई हैं। विद्युत निगम से सेवानिवृत्त मदन लाल शर्मा की चार बेटियां हैं। इनकी कोरोना जांच रिपोर्ट अभी आनी है। तारावंती का ब्रेन स्ट्रोक के साथ कोरोना का भी इलाज चल रहा था।
हर शोक सभा में सुनाते थे भजन-
अलवर शहर में पुरुषार्थी समाज में होने वाली शोक सभा में मदन लाल शर्मा श्रीमन नारायण ..नारायण का भजन सुनाते थे और सभी से 108 बार उसका जाप करवाते थे।
वे अपनी युवा अवस्था से ही धार्मिक व सामाजिक काम में लगे हुए थे। वे तांगा स्टैंड रामलीला क्लब के अध्यक्ष रहे हैं। वे रामलीला में अंगद का रोल करते रहे। उन्हें रामायण पढऩे का बहुत शौक था, वे अपने मित्रों के साथ मंदिर में रामायण पाठ किया करते थे। वे अनेक संस्थाओं से भी जुड़े रहे।