शहर के वार्ड नंबर 20 में एक राशन डीलर इन दिनों गेहूं के साथ-साथ जबरन चाय की पत्ती व वॉशिंग पाउडर दे रहे हैं। यहां से राशन ले रहे लोग गरीब वर्ग के हैं जो सरकार का निशुल्क राशन लेने के लिए आते हैं।
अलवर शहर में राशन की दुकानों पर डीलर्स की मनमर्जी गरीब जनता के लिए परेशानी का बन गई है। राशन विक्रेता राशन में दिए जाने वाले गेहूूं के साथ अन्य सामग्री भी जबरन उपभोक्ताओं को दे रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है। रसद विभाग सब कुछ जानकर भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे राशन डीलरों के हौंसले बुलंद हो गए हैं।
शहर के वार्ड नंबर 20 में एक राशन डीलर इन दिनों गेहूं के साथ-साथ जबरन चाय की पत्ती व वॉशिंग पाउडर दे रहे हैं। यहां से राशन ले रहे लोग गरीब वर्ग के हैं जो सरकार का निशुल्क राशन लेने के लिए आते हैं। ऐसे में गेहूं के साथ जबरन सामान लेने पर पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। इसी तरह का मामला मूंगस्का में भी सामने आया है। वहां भी एक राशन डीलर इसी शर्त पर लोगों को राशन का गेहूं देता है कि उन्हें चाय की पत्ती व वॉशिंग पाउडर खरीदना पड़ेगा। शहर के अन्य वार्डों में भी इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही है।
केवाईसी के लिए लगवा रहे हैं चक्कर : वार्ड 20 के निवासी बाबूलाल कोली, चिंरजीलाल कोली, धर्मसिंह, मानसिंह, सोहनलाल का कहना है कि यदि कोई उपभोक्ता कमाने के लिए शहर से बाहर चला जाए तो उनके हिस्से का राशन नहीं दिया जाता है। यदि लेने जाए तो गाली-गलौच कर भगा दिया जाता है। केवाईसी के नाम पर लोगों को बार-बार परेशान किया जा रहा है, जबकि जानकार लोगों की केवाईसी घर पर बुलाकर की जा रही है।
जिला प्रशासन व रसद विभाग को राशन डीलरों की अनियमितताओं की शिकायत की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी राशन डीलरों के खिलाफ शिकायत की जा रही है। उपभोक्ता हरीश महावर ने बताया कि राशन डीलर के खिलाफ अतिरिक्त जिला कलक्टर को शिकायत दी है।
राशन डीलर केवल गेहूं ही बांट सकते हैं। यदि उपभोक्ताओं को जबरन सामान बेच रहा है तो गलत है। राशन डीलर अपनी जेब से चाय की पत्ती व सर्फ नहीं बांट सकते हैं। हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत अभी तक नहीं आई है।
मानसिंह मीणा, जिला रसद अधिकारी, अलवर