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ERCP Project Rajasthan: अलवर को मिलेगा ईआरसीपी का पानी, अलाइमेंट तय; अब जमीन अधिग्रहण की तैयारी

Eastern Rajasthan Canal Project: पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के जरिए अलवर तक पानी पहुंचाने की कवायद अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। विभाग ने परियोजना का अलाइमेंट लगभग फिक्स कर लिया है और इसे उच्च अधिकारियों के सामने रखा जाएगा।

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May 27, 2026
करौली के खुर्रा-चैनपुरा से अलवर तक आएगा पानी। फोटो: एआई

ERCP Project Rajasthan: अलवर। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के जरिए अलवर तक पानी पहुंचाने की कवायद अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। विभाग ने परियोजना का अलाइमेंट लगभग फिक्स कर लिया है और 28 मई को होने वाली बैठक में इसे उच्च अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। बैठक के बाद जमीन अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाने और नहर निर्माण की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है। विभागीय टीम ड्रोन सर्वे और जमीनी स्थिति का अध्ययन कर रही है।

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत अलवर जिले में प्रवेश से पहले कई बांधों को भी जोड़े जाने की तैयारी है, ताकि भविष्य में जिले के अधिक से अधिक क्षेत्रों को पानी मिल सके। इसमें बालेटा बांध को जोड़ने की योजना प्रमुख है। इससे सैकड़ों गांवों को राहत मिलने के साथ भूजल स्तर में भी सुधार होगा। अलवर के लिए 200 मीट्रिक क्यूबिक पानी मिलेगा। करौली के खुर्रा-चैनपुरा से पानी 150 किलोमीटर की दूरी तय करके अलवर पहुंचेगा।

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कहां आएंगी रुकावटें, होगी पूरी पड़ताल

अलाइमेंट तय होने के बाद अब सबसे बड़ा काम जमीन अधिग्रहण का होगा। नहर जिस मार्ग से निकलेगी, वहां राजस्व विभाग की मदद से यह देखा जाएगा कि रास्ते में कितने मकान, पहाड़, सड़कें या अन्य अतिक्रमण आ रहे हैं। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग या तकनीकी समाधान भी तैयार किए जाएंगे। विभाग इस बार ऐसा अलाइमेंट तैयार कर रहा है जिससे कम से कम विस्थापन हो और निर्माण कार्य में देरी नहीं आए।

दो नए कृत्रिम जलाशय भी होंगे विकसित

ईआरसीपी के तहत अलवर क्षेत्र में दो नए कृत्रिम जलाशय विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। पहला जलाशय नीमराणा क्षेत्र के बिगोता में प्रस्तावित है, जबकि दूसरा हाजीपुर-डढ़ीकर क्षेत्र में बनाया जाएगा। इन जलाशयों का उद्देश्य पानी का संग्रहण बढ़ाना और सूखे की मार झेल रहे इलाकों को स्थायी राहत देना है। परियोजना के तहत सबसे पहले नटनी के बारा से जयसमंद बांध तक नहर के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा।

हर घर तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी जलदाय विभाग की

परियोजना के तहत अलवर तक पानी पहुंचने के बाद जलदाय विभाग को घर-घर जल आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विभाग अपने स्तर पर स्टोरेज, वितरण नेटवर्क और सप्लाई सिस्टम की विस्तृत योजना तैयार करेगा। अधिकारियों का कहना है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जल प्रबंधन मॉडल तैयार किए जाएंगे, ताकि गर्मियों में भी निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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