प्रदेश में आयरन ओर के भंडार लगातार मिलने से सीमेंट और स्टील कारखाने तेजी से खुलेंगे। इससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा। अब करौली जिले में डिण्डौन के पास खोड़ा, डेडरोली, टोडुपुरा, लीलोटी में 1888 हैक्टेयर में आयरन ओर के भंडार मिले हैं। यहां चुंबकीय प्रकृति का मैग्नेटाइट और नार्मल प्रकृति के हेमेटाइट आयरन ओर मिला है।

जयपुर। प्रदेश के करौली जिले में आयरन ओर के बड़े भंडार मिले हैं। करौली के हिण्डौन के पास खोड़ा, डेडरोली, टोडुपुरा और लीलोटी में आरंभिक संकेतों के अनुसार आयरन ओर के 840 टन से अधिक के भंडार हैं। यह करीब 1888 हैक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए हैं। आयरन ओर के चुंबकीय प्रकृति के मैग्नेटाइट और हेमेटाइट दोनों के संकेत मिले हैं।
करौली के खोड़ा में 462.3 हैक्टेयर, डेडरोली में 754.38 हैक्टेयर, टोडुपुरा में 260.71 और लीलोटी में 410.94 हैक्टेयर क्षेत्र में आयरन ओर के भंडार हैं। एक मोटे अनुमान के अनुसार यहां आयरन ओर के 840 टन से अधिक भंडार हैं।
औद्योगिक निवेश को लगेंगे पंख
करौली में आयरन ओर मिलने से आने वाले समय में प्रदेश में औद्योगिक निवेश को और अधिक पंख लगेंगे। स्टील व सीमेंट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। आयरन ओर से स्टील उद्योग के साथ ही कोल वाशिंग, फेरोअलॉय, फाउण्ड्रीज, सेरेमिक और सीमेंट उद्योग सहित अनेक उद्योगों को वर्षों तक कच्चा माल प्राप्त हो सकेगा व प्रदेश में इन उद्योगों में निवेश और नए उद्योग लगने के साथ ही रोजगार और आय के अवसर विकसित होंगे।
राजस्थान में आयरन ओर के भंडार और अधिक मिलने की संभावना को देखते हुए अन्य स्थानों पर भी एक्सप्लोरेशन का कार्य चल रहा है। जयपुर, झुन्झुनू, भीलवाडा, सीकर, अलवर में आयरन ओर का खनन और एक्सप्लोरेशन जारी है। खान सचिव आनन्दी ने बताया कि खान विभाग इस क्षेत्र में जल्दी खानों की नीलामी शुरू करेगा।