अलवर

अलवर शहर विधानसभा: पेयजल से लेकर विकास का मुद्दा सिर चढ़कर बोल रहा

वार्डों में टूटी सड़कें, सूखते बोरिंग, आवारा घूमते पशु, कुत्तों का आतंक, पट्टा जारी न होने का दर्द शहर विधानसभा में जनता की जुबान पर है। पेयजल का संकट किसी से छिपा नहीं है। हर किसी ने इसका अकाल झेला है। जैसे ही प्रत्याशी लोगों की देहरी पर पहुंचते हैं तो वही मतदाता दर्द को छिपाकर नेताओं का इस तरह स्वागत कर रहे हैं जैसे दिल में उनके प्रति अपार प्रेम भरा हो लेकिन हकीकत में कुछ और है। लोगों के चेहरों की मुस्कान पर्दे के पीछे दर्द बयां कर रही है।
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Nov 18, 2023
अलवर शहर विधानसभा: पेयजल से लेकर विकास का मुद्दा सिर चढ़कर बोल रहा
अलवर शहर विधानसभा: पेयजल से लेकर विकास का मुद्दा सिर चढ़कर बोल रहा

वार्डों में टूटी सड़कें, सूखते बोरिंग, आवारा घूमते पशु, कुत्तों का आतंक, पट्टा जारी न होने का दर्द शहर विधानसभा में जनता की जुबान पर है। पेयजल का संकट किसी से छिपा नहीं है। हर किसी ने इसका अकाल झेला है। जैसे ही प्रत्याशी लोगों की देहरी पर पहुंचते हैं तो वही मतदाता दर्द को छिपाकर नेताओं का इस तरह स्वागत कर रहे हैं जैसे दिल में उनके प्रति अपार प्रेम भरा हो लेकिन हकीकत में कुछ और है। लोगों के चेहरों की मुस्कान पर्दे के पीछे दर्द बयां कर रही है। जनता यही कह रही है कि अब तो परिणाम में ही उनका दर्द दिखेगा।

आर्य नगर क्षेत्र में एक प्रत्याशी वोट घर-घर मांग रहे थे। प्रत्याशी का स्वागत लोगों ने अच्छे से किया और जैसे ही नेता उठकर चले तो लोगों ने इशारा टूटी सड़क की ओर कर दिया। कह दिया कि इसका भी भला कर दो। धूल बहुत उड़ रही है। प्रत्याशी सुनकर आगे बढ़े लेकिन उनका चेहरा लटक गया। इसी तरह का सामना अधिकांश प्रत्याशियों को यहां करना पड़ रहा है। इस बार इस सीट पर कांग्रेस व भाजपा के बीच मुकाबला कड़ा है। जनता भी मान रही है। किसी प्रत्याशी की जीत आसान नहीं है। छोटे दलों के नेता भी कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इस समय पार्टियों में जोड़-तोड़ चल रहा है। माना जा रहा है कि जिसके पास ज्यादा पार्षद होंगे उसका उतना ही पलड़ा भारी होगा।

ये हैं मुद्दे

- पेयजल से लेकर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। करीब 20 ही वार्डों में विकास ज्यादा दिख रहा है।
- सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है।

- आवारा पशु, कुत्तों से जनता परेशान है।
- कच्ची बस्तियों के करीब 10 हजार पट्टे अटके हुए हैं।

- वेंडिंग व नॉन वेडिंग जोन का अभाव। रेहड़ी-फड़ वालों को स्वरोजगार के लिए जगह न मिल पाना।


क्या कहते हैं मतदाता
पानी की किल्लत नहीं हो पाई दूर
पेयजल का संकट वैसे तो पूरे जिले में है लेकिन शहर की जनता ने ज्यादा झेला। कई वर्षों से ये समस्या चली आ रही है। ये समस्या हम प्रत्याशियों के सामने भी उठा रहे हैं। आश्वासन मिल रहे हैं।

- गणेश दत्त, आर्य नगर

सड़कों का हाल ज्यादा अच्छा नहीं
शहर के सफाई का अभाव है। विकास कार्य नहीं हो पाए। सड़कों का हाल ज्यादा अच्छा नहीं है। धूल उड़ती है। आवारा पशुओं से भी छुटकारा नहीं मिल पाया है।

- राजेश कुमार, लाल डिग्गी

पट्टों का मुद्दा उठा रहे
कई साल से नगर निगम के दौड़ लगा रहे हैं लेकिन कच्ची बस्ती के लिए पट्टे जारी नहीं हुए। इन बस्तियों में हजारों लोग रहते हैं। हर प्रत्याशी के समक्ष हम ये मुद्दा रख रहे हैं।

-- विजय कुमार, कच्ची बस्ती वार्ड एक

Published on:
18 Nov 2023 11:22 am