अलवर

जगन्नाथ महोत्सव अलवर: दो साल बाद भरेगा मेला, भगवान गणेश को न्यौता देकर करेंगे शुरुआत, जानिए विस्तृत कार्यक्रम

Jagannath Mela In Alwar: भगवान जगन्नाथ व जानकी मैया के विवाह के रूप में आयोजित होेने वाले रथयात्रा महोत्सव के कार्यक्रमों का आगाज 26 जून को पुराना कटला सुभाष चौक जगन्नाथ मंदिर में होगा।

2 min read
Jun 25, 2022
Jagannath Mela In Alwar: Jagannath Mahotsav 2022 In Alwar
जगन्नाथ महोत्सव अलवर: दो साल बाद भरेगा मेला, भगवान गणेश को न्यौता देकर करेंगे शुरुआत, जानिए विस्तृत कार्यक्रम

अलवर. उडीसा के जगन्नाथपुरी की तर्ज पर अलवर में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा इस बार आठ जुलाई को निकलेगी। मेले की तैयारियों को लेकर मेला कमेटी और भक्तों में विशेष उत्साह बना हुआ है। शहरवासी भी बडी बेसब्री से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं। मंदिर में मेले की तैयारियां तेज हो गई है। भगवान जगन्नाथ व जानकी मैया के विवाह के रूप में आयोजित होेने वाले रथयात्रा महोत्सव के कार्यक्रमों का आगाज 26 जून को पुराना कटला सुभाष चौक जगन्नाथ मंदिर में होगा। इस दिन भगवान जगन्नाथ व जानकी मैया के विवाह के लिए प्रात: 8 बजे गणेशजी को न्यौता देकर विवाह के लिए मंगल कामना की जाएगी। पंडित मंत्रोच्चार करेंगेे।

कोरोना के चलते दो साल नहीं भर सका मेला

कोरोना के चलते दो साल से भगवान जगन्नाथ का मेला नहीं भर पाया था लेकिन इस बार भरने वाले मेले को लेकर भक्तों में भी अपार उत्साह है। भक्त दोगुने जोश के साथ मेले के प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं। भगवान जगन्नाथ के लक्खी मेले में ज्यादा से ज्यादा भक्त शामिल हो, इसके लिए शहर में जगह पर पोस्टर, पंफलेट लगाए गए हैं। मंदिर में मेले की तैयारियों में भी भक्त सहयोग कर रहे हैं।

मंदिर के महंत पंडित देवेंद्र शर्मा ने बताया कि भगवान जगन्नाथ व जानकी मैया का विवाह हिंदू परपंरा के अनुसार होता है। इस दौरान विवाह के दौरान होने वाले सभी रीति रिवाज व परंपराओं को निभाया जाता है।इसी के तहत पहले भगवान गणेश को न्यौता दिया जाता है। इसके बाद भगवान को कंगन डोरे, भात की रस्म, महिला संगीत, भगवान जगन्नाथ की बारात, वरमालाजगन्नाथ महोत्सव अलवर: दो साल बाद भरेगा मेला, भगवान गणेश को न्यौता देकर करेंगे शुरुआत, जानिए विस्तृत कार्यक्रम महोत्सव व बारात की विदाई आदि के कार्यक्रम किए जाते हैं।

7 जुलाई को पुराना कटला जगन्नाथ मंदिर से सीतारामजी की सवारी रूपबास के लिए रवाना होगी।

8 जुलाई को जगन्नाथजी महाराज की सवारी रूपबास के लिए रवाना होगी।

9 जुलाई को रूपबास में मेला भरेगा।

10 जुलाई को जानकी मैया की सवारी रूपबास के लिए रवाना होगी। रूपबास में मेला भरेगा व रात्रि को वरमाला महोत्सव होगा।

11 जुलाई को रूपबास में मेला भरेगा। भक्त विवाह के बाद जगन्नाथ व जानकी मैया के दर्शन करेंगे।

12 जुलाई को जगन्नाथजी सवारी, रूपबास के पुराना कटला जगन्नाथ मंदिर के लिए रवाना होगी।

Published on:
25 Jun 2022 09:20 pm