
कोटपूतली। जयपुर-अलवर हाईवे पर विराटनगर कस्बे में किले के पास बुधवार को लोक परिवहन बस और लोहे के पाइपों से भरी पिकअप की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बस में सवार सात यात्री घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के एक तरफ का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोक परिवहन बस अलवर से जयपुर की ओर आ रही थी। इसी दौरान सामने से अलवर की ओर जा रही लोहे के पाइपों से भरी पिकअप सामने से गुजरी। पिकअप में लदे कुछ लोहे के पाइप बाहर निकले हुए थे जो बस के साइड हिस्से से टकरा गए। हादसे में एक साइट की पूरी खिड़कियां गॉर्ड समेत टूट गईं। टक्कर के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को विराटनगर के उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर घायलों को जयपुर रेफर किया गया। घायलों में कान्ता निवासी अकबरपुर, प्रेम देवी निवासी बसई जोगियान, भारती निवासी हरनेर, शुभम निवासी इंदौर, कृष्ण निवासी भामोद, कमलेश निवासी बिहारीसर और देशराज निवासी मालुताना घायल हुए हैं। घटना के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया।
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए जयपुर-अलवर मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क निर्माण के दौरान बरती गई तकनीकी खामियों के कारण यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सूचना पर पहुंची विराटनगर थाना पुलिस ने ग्रामीणों से समझाइश कर जाम खुलवाया और यातायात सुचारू करवाया।
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसे घटना के दौरान ग्रामीणों द्वारा किए गए सड़क जाम का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में विराटनगर थाना पुलिस के कुछ पुलिस कर्मी विरोध कर रहे युवकों को पकड़कर सड़क से हटाते और घसीटते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कुछ युवकों के कपड़े फटे हुए भी दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जाम के दौरान भीड़ हटाने के नाम पर पुलिस ने लोगों के साथ बदसलूकी की और कुछ युवकों के कपड़े तक फाड़ दिए।
हालांकि वायरल वीडियो की राजस्थान पत्रिका पुष्टि नहीं करता। मामले में विराटनगर थाना अधिकारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई थी। सड़क पर भीड़ एकत्रित होने से यातायात प्रभावित हो रहा था जिसे हटाकर यातायात व्यवस्था सुचारू करवाई गई।