
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा क्षेत्र के तहत आने वाले खैरथल नगर परिषद के सभापति चुनाव में एक बेहद दिलचस्प और अनोखा चुनावी मुकाबला देखने को मिला है। 45 सदस्यीय नगर परिषद बोर्ड में 44 पार्षदों द्वारा मतदान किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार विक्रम चौधरी और कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा के बीच मुकाबला 22-22 वोटों पर जाकर पूरी तरह टाई हो गया। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर के सामने जीत-हार का फैसला करने के लिए लॉटरी का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। पूरे प्रशासनिक अमले और राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी में एक छोटी बच्ची को बुलाकर ड्रम से पर्ची निकलवाई गई, जिसमें भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी का नाम निकला और उन्हें आधिकारिक तौर पर खैरथल नगर परिषद का नया सभापति घोषित कर दिया गया।
खैरथल नगर परिषद बोर्ड में कुल 45 वार्ड हैं, लेकिन मतदान के दिन केवल 44 पार्षदों ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। वार्ड नंबर 26 की कांग्रेस समर्थक पार्षद जरीना खान इस मतदान प्रक्रिया में शामिल होने ही नहीं पहुंचीं। यदि जरीना खान वोट डालने आतीं, तो नतीजे का पलड़ा किसी एक तरफ झुक सकता था। उनके अनुपस्थित रहने के कारण मुकाबला सीधे तौर पर 22-22 वोटों की बराबरी पर जाकर अटक गया और पूरे मतगणना कक्ष में सन्नाटा पसर गया।
जब 22-22 वोटों का टाई हो गया, तो राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक रिटर्निंग अधिकारी ने तुरंत लॉटरी प्रक्रिया शुरू कराई। दो अलग-अलग पर्चियों पर दोनों प्रत्याशियों के नाम लिखे गए और उन्हें एक पारदर्शी बॉक्स में रखा गया। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक छोटी मासूम बच्ची को आगे बुलाया गया और उससे एक पर्ची उठाने को कहा गया। जैसे ही बच्ची ने पर्ची निकाली और निर्वाचन अधिकारी ने उसे खोला, उसमें भाजपा के विक्रम चौधरी का नाम दर्ज था। इसके साथ ही विक्रम चौधरी को खैरथल का नया सभापति चुन लिया गया।
खैरथल की राजनीति में नया इतिहास रचने वाले विक्रम चौधरी लगातार चौथी बार वार्ड से पार्षद का चुनाव जीतकर आए हैं। वे पिछले नगर परिषद बोर्ड में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका बखूबी निभा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि साल 2020 के निकाय चुनावों में भी कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद भाजपा रणनीति के तहत अपना बोर्ड बनाने में सफल रही थी और इस बार भी किस्मत ने भाजपा का ही साथ दिया।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान खैरथल के रेलवे अंडरब्रिज के पास भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। कांग्रेस समर्थित पार्षदों की गाड़ियों के काफिले को मतदान केंद्र पहुंचने से पहले कुछ लोगों द्वारा रोकने का प्रयास किया गया। मुंडावर से कांग्रेस विधायक ललित यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने गाड़ियां रोकने और एक महिला पार्षद को जबरन गाड़ी से खींचने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत स्थिति को संभाला और सभी पार्षदों को कड़े सुरक्षा घेरे में सुरक्षित मतदान केंद्र तक पहुंचाया।
जैसे ही लॉटरी का नतीजा घोषित हुआ, भाजपा खेमे और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने विक्रम चौधरी को कंधों पर उठा लिया और गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया। चुनावी नतीजे के बाद बातचीत करते हुए विक्रम चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और ईश्वर का आशीर्वाद सबसे बड़ा होता है और यह जीत खैरथल के विकास की नई शुरुआत करेगी। वहीं, स्थानीय लोगों के बीच इस बात की भी खूब चर्चा रही कि कैसे एक छोटी बच्ची के हाथ की पर्ची ने पूरे शहर का राजनीतिक भविष्य तय कर दिया।