
सरकार की साख पर बट्टा लगाने वाले 4 प्रभारी उप पंजीयक समेत 9 कर्मचारी निलंबित
- हरियाणा, यूपी, दिल्ली की जमीनों की पावर ऑफ अटॉर्नी की थी, एक उप पंजीयक पहले हो गया था निलंबित, वह रिटायर भी हुआ
- अभी 2 उप पंजीयक, 11 कर्मचारियों को निलंबित करना बाकी, ये बचाव के लिए रास्ते ढूंढ रहे, कुछ पर वित्त विभाग करेगा कार्रवाई
- एक हजार जमीनों के किए गए रजिस्ट्रेशन, करोड़ों के हुए वारे-न्यारे, नेताओं का भी इन पर हाथ बताया जा रहा, वित्त विभाग पूरी तरह नहीं जागा
हरियाणा, यूपी, दिल्ली की जमीनों की अलवर जिले में पावर ऑफ अटॉर्नी करने वाले 7 सब रजिस्ट्रार में से 4 को निलंबित कर दिया गया। साथ ही अन्य 5 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। अभी 2 उप पंजीयक व 11 कर्मचारियों पर कार्रवाई होना बाकी है। बताया जा रहा है कि बचे लोग अपने बचाव के लिए रास्ते तलाश रहे हैं। वित्त विभाग अभी पूरी तरह नहीं जाग रहा है। कुछ कार्रवाई उनके स्तर से होनी हैं और कुछ दूसरे स्तर से। अभी इन सभी पर रिपोर्ट करवाई जानी है लेकिन उसके लिए हाथ नहीं बढ़ाया गया।
इस तरह हुई जांच
उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक अलवर प्रथम मुकेश कैथवाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर खुलासा हुआ था। बहरोड़, खैरथल, हरसौली, कोटकासिम, पावठा व मांढण के उप पंजीयक कार्यालयों में इन प्रदेशों की जमीनों के रजिस्ट्रेशन किए गए। इनकी संख्या करीब एक हजार थी। पावर ऑफ अटॉर्नी केवल ब्लड रिलेशन में ही होती है लेकिन उप पंजीयक कार्यालयों में तैनात अधिकारी व कर्मचारियाें ने आंख मूंदकर सब काम कर दिए।
आईजी अजमेर ने की कार्रवाई
आईजी अजमेर की ओर से शुक्रवार को कोटकासिम के उप पंजीयक विक्रम सिंह व लिपिक भोलाराम को निलंबित कर दिया गया। इसी तरह बहरोड़ की उप पंजीयक कृष्णा देवी, कार्यालय लिपिक हरिपाल सिंह को निलंबित किया गया है। डीआईजी स्टांप मुकेश कैथवाल का कहना है कि कुछ कार्रवाई वित्त विभाग, कुछ आईजी कार्यालय व कुछ जिला प्रशासन की ओर से की गई हैं।
खैरथल कलक्टर ने की बड़ी कार्रवाई...कई निलंबित
इसी तरह खैरथल-तिजारा के जिला कलक्टर हनुमान मल ढाका ने कार्य व्यवस्थार्थ नायब तहसीलदार एवं पदेन उप पंजीयन (मूल पद भू-अभिलेख निरीक्षक) खैरथल रामकिशन, सहायक प्रशासनिक अधिकारी (पंजीयन लिपिक), तहसीलदार एवं पदेन उप पंजीयन कार्यालय खैरथल विवेक धामाणी एवं कनिष्ठ सहायक (पंजीयन लिपिक) तहसील एवं पदेन उप कार्यालय हरसौली खैरथल-तिजारा राजवीर को निलंबित कर दिया है। हरसौली में तैनात उप पंजीयक पर अभी कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। इन सभी ने क्षेत्राधिकार से बाहर स्थित संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों का अवैध रूप से पंजीयन किया था। गंडाला के उप पंजीयक निलंबित हो चुके हैं। कर्मचारियों पर कार्रवाई बाकी है। पावठा व मांढण में अभी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है।