
अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के एक युवक द्वारा पुराने और दुर्लभ सिक्के तथा नोट खरीदने का झांसा देकर लाखों रुपए की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी फेसबुक पर पुराने सिक्के और नोट खरीदने के विज्ञापन डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। डीडवाना-कुचामन पुलिस ने इस मामले में लक्ष्मणगढ़ निवासी जुनेद खान और डीग जिले के कैथवाड़ा निवासी उसके साथी मोहम्मद कैफ को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कुचामन क्षेत्र के आसपुरा निवासी बन्नाराम को पुराने दुर्लभ सिक्के और नोट सवा दो करोड़ रुपए में खरीदने का लालच दिया था। इसके बाद दोनों आरोपियों ने अलग-अलग खर्चों और शुल्क के नाम पर पीड़ित से करीब 13 लाख रुपए जमा करवा लिए।
पीड़ित बन्नाराम ने 12 अगस्त को साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर पुलिस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि फेसबुक पर पुराने सिक्के और नोट खरीदने से जुड़ा विज्ञापन देखने के बाद आरोपियों ने उससे संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने पुराने और दुर्लभ सिक्के-नोटों की अच्छी कीमत मिलने का भरोसा दिलाया।
आरोपियों ने सवा दो करोड़ रुपए में सिक्के और नोट खरीदने का सौदा तय करने का झांसा दिया। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, किराया, निरीक्षण टीम, दस्तावेज तैयार करने और अन्य खर्चों के नाम पर लगातार रुपए मांगे गए। पीड़ित आरोपियों की बातों में आता गया और अलग-अलग बैंक खातों में करीब 13 लाख रुपए जमा करवा दिए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। तकनीकी जांच और लोकेशन के आधार पर आरोपियों की मौजूदगी अलवर-भरतपुर क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने दोनों की तलाश में कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के सामने आरोपियों को पकड़ना आसान नहीं था। दोनों आरोपी जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में अपने ठिकाने बदलते रहे। पुलिस टीम ने वेश बदलकर करीब चार दिन तक उनका पीछा किया। लगातार निगरानी के बाद आखिरकार दोनों आरोपियों को अलवर जिले के मौजपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्ष्मणगढ़ निवासी 24 वर्षीय जुनेद खान पुत्र समसू खां और डीग जिले के कैथवाड़ा निवासी 19 वर्षीय मोहम्मद कैफ पुत्र रहीस के रूप में की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक पर एंटिक और दुर्लभ सिक्के-नोट खरीदने के विज्ञापन डालते थे। इसके बाद वे फर्जी सिम और वाट्सऐप नंबरों के जरिए लोगों से संपर्क कर विश्वास जीतते थे। करोड़ों रुपए में खरीदने का लालच देकर अलग-अलग शुल्क के नाम पर लगातार पैसे जमा करवाना इनके ठगी के तरीके का हिस्सा था। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।