अलवर के विशिष्ट न्यायालय पोक्सो संख्या-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने 12 वर्ष की मासूम बालिका के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी को सजा सुनाई है।
अलवर के विशिष्ट न्यायालय पोक्सो संख्या-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने 12 वर्ष की मासूम बालिका के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी को सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी को अंतिम सांस तक कठोर आजीवन कारावास और 4 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव के अनुसार मामला 12 नवंबर 2024 को अरावली विहार थाने में दर्ज हुआ था। पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दी थी कि आरोपी ने उसकी 12 साल से कम उम्र की बेटी को कोल्ड ड्रिंक और खाने की चीजों का लालच देकर बहलाया-फुसलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने डरा-धमका कर एक साल में करीब 10-15 बार मासूम का यौन शोषण किया। जब पीड़िता ने अपनी बुआ को आपबीती बताई, तब जाकर इस घिनौने कृत्य का खुलासा हुआ।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने सजा में नरमी बरतने की अपील की थी, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया। न्यायाधीश शिल्पा समीर ने अपने फैसले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी ने खिलौनों से खेलने की उम्र वाली मासूम की मासूमियत का फायदा उठाकर जघन्य अपराध किया है। इसका बच्ची के मन-मस्तिष्क पर जीवनभर प्रतिकूल प्रभाव रहेगा। ऐसे मामलों में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाएगा।
पुलिस उप अधीक्षक डॉ. पूनम ने मामले की गहन जांच कर चार्जशीट पेश की थी। अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह और 20 दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर अपराध सिद्ध किया। सजा के साथ ही, न्यायालय ने पीड़िता को प्रतिकर योजना के तहत 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अनुशंसा भी की है।