LPG KYC Deadline Extended Till May 31st : बानसूर . क्षेत्र के एलपीजी उपभोक्ताओं को अब ई केवाईसी करवाना जरूरी है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से कंपनी को सत निर्देशित किया गया है।
बानसूर . क्षेत्र के एलपीजी उपभोक्ताओं को अब ई केवाईसी करवाना जरूरी है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से कंपनी को सत निर्देशित किया गया है। कोटपूतली एचपी गैस एजेंसी के संचालक एवं एलपीजी कोटपूतली बहरोड़ के जिलाध्यक्ष सतवीर रावत ने बताया कि कि सभी उपभोक्ताओं की 31 मई तक ई केवाईसी करवाना जरूरी है। जिसमें उपभोक्ताओं को संबंधित दस्तावेज साथ लेकर के गैस एजेंसी के कार्यालय में अपना अंगूठा या आंखों से चयनित किया जाएगा और इसके बाद उपभोक्ता के घर पर ही सेटी इन्फेक्शन में जांच की जाएगी।
घरेलू गैस के उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है, जिसके अनुसार 31 मई तक ई-केवायसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। ई-केवायसी के माध्यम से गैस एजेंसियों के पास उपभोक्ताओं के सही और अद्यतन रिकॉर्ड होंगे, जिससे सब्सिडी संबंधित मामलों में सुधार और नियमितीकरण किया जा सकेगा।
घरेलू गैस के उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है, जिसके अनुसार 31 मई तक ई-केवायसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। ई-केवायसी के माध्यम से गैस एजेंसियों के पास उपभोक्ताओं के सही और अद्यतन रिकॉर्ड होंगे, जिससे सब्सिडी संबंधित मामलों में सुधार और नियमितीकरण किया जा सकेगा।
गैस एजेंसियों के पास बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का डेटा होता है, जिसमें कई उपभोक्ताओं के स्थायी पते में बदलाव, स्थानांतरण, या मृत्यु हो जाने के बावजूद उनके नाम पर गैस सिलेंडर का खाता बंद नहीं हुआ होता है। इस कारण से गैस एजेंसियों को अपने रिकॉर्ड को अपडेट करना अत्यंत आवश्यक है। ई-केवायसी के माध्यम से उपभोक्ताओं की पहचान को सत्यापित किया जा रहा है, ताकि केवल वास्तविक और पात्र उपभोक्ताओं को ही सब्सिडी का लाभ मिल सके।
31 मई तक हर उपभोक्ता को हर हाल में ई-केवायसी करवा लेना आवश्यक है। सत्यापन के लिए बायोमैट्रिक तरीके का उपयोग किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया गया है। यदि उपभोक्ता ई-केवायसी नहीं करवाते हैं, तो उन्हें भविष्य में गैस सिलेंडर प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है, साथ ही उन्हें सब्सिडी का लाभ भी नहीं मिलेगा।
यह कदम उपभोक्ताओं के हित में उठाया गया है ताकि सब्सिडी का सही लाभ सही लोगों तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनुचित लाभ प्राप्त करने की संभावनाओं को समाप्त किया जा सके। इसके साथ ही, यह प्रक्रिया गैस एजेंसियों को भी अपने रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखने में मदद करेगी और वितरण प्रणाली को सुचारू बनाएगी।
ई-केवायसी की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं को अपनी पहचान और पते के प्रमाण के साथ बायोमैट्रिक सत्यापन कराना होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी रिकॉर्ड सही और अद्यतन हों, जिससे सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी सही हाथों तक पहुंचे। इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए सभी उपभोक्ताओं को अपनी नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क करना चाहिए और निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवायसी करवाना चाहिए। इससे न केवल उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा से बचाव होगा बल्कि उन्हें सब्सिडी का लाभ भी समय पर मिल सकेगा।
इस प्रकार, ई-केवायसी करवाना न केवल उपभोक्ताओं के लिए बल्कि गैस एजेंसियों और सरकार के लिए भी लाभदायक है, जिससे सभी संबंधित पक्षों के हित सुरक्षित रहेंगे और प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहेगी।