Rajasthan Crime: बानसूर तहसील कार्यालय के हल्का पटवारी अतुल यादव को एसीबी की अलवर टीम ने 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसकी रील्स और महंगी लाइफस्टाइल इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई थी।
Patwari Arrested In Bribe Case: बानसूर तहसील कार्यालय के गांव खोहरी के हल्का पटवारी अतुल यादव को एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान (एसीबी) की अलवर टीम ने दो दिन पहले 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आरोपी पटवारी को अलवर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसीबी की टीम अब आरोपी पटवारी अतुल यादव की आय से अधिक संपत्ति और उसकी लाइफ स्टाइल से जुड़ी जानकारियां जुटा रही है। बताया जा रहा है कि 'पटवारी को महंगी गाड़ियों में घूमने, ब्रांडेड और महंगे कपड़े पहनने का शौक है। गांव में उसका आलीशान मकान होने की भी चर्चा है, वहीं अलग-अलग स्थानों पर संपत्ति होने की जानकारी सामने आ रही है।' इन सभी बिंदुओं पर एसीबी की टीम जांच कर रही है।
पटवारी अतुल यादव सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहता था। उसे रील बनाने का शौक था और उसकी लाइफ स्टाइल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई थी। उसकी चमक-दमक और रहन-सहन को लेकर पहले भी लोग बातें करते थे।
गौरतलब है कि बानसूर तहसील कार्यालय में पिछले छह महीनों के भीतर यह एसीबी की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी एक अन्य मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई हो चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से तहसील कार्यालय के कर्मचारियों में भी डर का माहौल है।
पटवारी अतुल यादव वर्ष 2018 में भर्ती हुआ था। पांच साल पहले उसे उत्कृष्ट कार्य के लिए उपखंड प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया गया था। हालांकि वह पहले भी चर्चाओं में रहा है। वर्ष 2022 में नांगल लाखा गांव में अतिक्रमण हटाने गई टीम में वह शामिल था, जहां ग्रामीणों के हमले में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया था।