अलवर

देश के लिए शहीद हुआ बड़ा बेटा, वीरता का मैडल लेने पहुंची मां ने कहा- छोटे बेटे व पोतों को भी सेना में भेजूंगी

70 वर्षीय ढाका देवी के मैडल लेते समय आंसू झलक पड़े। सेना के अधिकारियों ने भी उन्हें सेल्यूट किया।

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Feb 22, 2021
देश के लिए शहीद हुआ बड़ा बेटा, वीरता का मैडल लेने पहुंची मां ने कहा- छोटे बेटे व पोतों को भी सेना में भेजूंगी

अलवर. देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए शहीद हेमराज जाट को मरणोपरांत गैलेंट्री अवार्ड दिया गया। शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिमी कमान के अलंकरण समारोह में ये मेडल लेने शहीद हेमराज की 70 वर्षीय वृद्ध मां ढाका देवी अजमेर से आई। अपने लाल के शौर्य का सम्मान पाकर बुजुर्ग मां की आंखों में आंसू छलक पड़े। ये देख कार्यक्रम में मौजूद सेना के अधिकारी और जवानों की भी आंखें भर आईं।

शहीद की मां ने दक्षिण-पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ आलोक क्लेर से हाथ जोडकऱ कहा कि उसका दूसरा छोटा बेटा बंशी है उसे फौज में लगा दो। जिससे कि उनका बुढ़ापा सुधर जाए। लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने शहीद हेमराज की मां को पहले सैल्यूट किया और अवार्ड प्रदान किया। समारोह के बाद लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर शहीद हेमराज की मां से फिर मिले और उन्हें दो बार फिर सैल्यूट किया। इस दौरान सेना के अन्य अधिकारी भी शहीद हेमराज की मां से मिले और उनका हालचाल जाना। वहीं, सेना के अधिकारियों के परिवारों ने शहीद की मां ढाका देवी के साथ फोटो भी खिंचवाए।

जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए थे हेमराज

25 वर्षीय ग्रिनेडियर हेमराज जाट जम्मू-कश्मीर में सीमा पर तैनात थे। एक सितम्बर 2019 को एक ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए हेमराज शहीद हो गए थे। इससे दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी।

बेटे-पौतों को भी सेना में भेजना चाहती हूं

मीडिया से बातचीत करते हुए शहीद हेमराज की मां ढाका देवी बोली कि उसके लाल हेमराज ने देश की रक्षा की खातिर अपनी जान दी है। यह उसके और उसके परिवार के लिए गर्व की बात है। देश की रक्षा के लिए वह अपने छोटे बेटे बंशी और दो पौतों को भी फौज में भेजना चाहती है। अपने लाल हेमराज को याद करते हुए मां आंखें छलक पड़ी और गला भर आया।

Published on:
22 Feb 2021 10:26 am
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