
Neemrana ACB Trap: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एसीबी (ACB) मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर नगर तृतीय की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले की नीमराणा तहसील के पटवारी धर्म सिंह को 4,500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मामला कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराणा क्षेत्र का है, जहां 'पटवार हल्का दौसौद' के पटवारी धर्म सिंह (जिनके पास रैवाना पटवार हल्के का अतिरिक्त चार्ज भी था) को घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया है।
एसीबी की जयपुर नगर तृतीय इकाई को एक पीड़ित (परिवादी) ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसकी ग्राम तलवाना (रैवाना पटवार हल्का, नीमराणा) में एक शामलाती (साझा) जमीन है। अक्टूबर 2025 में उसने इस जमीन पर अपनी बहनों का 'हक त्याग' (Right Relinquishment) करवाया था। इसी काम के बदले और म्यूटेशन (नामांतरण) खोलने के नाम पर पटवारी धर्म सिंह उससे 10,000 रुपए की रिश्वत मांग रहा था। उस समय पीड़ित के पास पैसों का इंतजाम नहीं था, इसलिए वह पैसे नहीं दे पाया।
इसके बाद 22 मई को परिवादी ने अपनी इसी जमीन का सीमांकन करवाने के लिए सरकारी तौर पर आवेदन किया। मौका पाकर पटवारी धर्म सिंह ने फिर से अपनी पुरानी मांग दोहरा दी। उसने जमीन के सीमांकन का काम करने के बदले 10,000 रुपए और पुराने नामांतरण के काम के बदले 5,000 रुपए की रिश्वत मांगी।
परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत एसीबी (ACB) से कर दी। एसीबी ने जब गुपचुप तरीके से इस शिकायत और रिश्वत की मांग का सत्यापन (Verification) करवाया तो मामला बिल्कुल सही पाया गया। बातचीत के दौरान आरोपी पटवारी जमीन नापने (सीमांकन) के बदले 5,000 रुपए लेने पर अड़ गया, लेकिन बाद में उसने 500 रुपए कम कर दिए और 4,500 रुपए की रिश्वत लेने के लिए राजी हो गया। पटवारी को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उसकी यह सौदेबाजी ही उसे जेल पहुंचा देगी।
रिश्वत की बात पक्की होते ही एसीबी उप महानिरीक्षक-द्वितीय ओम प्रकाश मीणा के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। टीम ने योजना के मुताबिक जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी पटवारी धर्म सिंह ने परिवादी से 4,500 रुपए की रिश्वत राशि हाथ में ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी से लगातार पूछताछ की जा रही है। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।