अलवर

राजस्थान के NSG कमांडो का नाम NASA के मंगल मिशन से जुड़ा, 26/11 के आतंकी हमले में लगी थीं 8 गोली; एक आज भी सीने में फंसी

NSG Commando Sunil Kumar Jodha: 26/11 मुंबई आतंकी हमले में अदम्य साहस का परिचय देने वाले राजस्थान के अलवर निवासी एनएसजी कमांडो सुनील कुमार जोधा को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी पहचान मिली है।'
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Aug 05, 2026
Alwar NSG Commando Sunil Jodha
एनएसजी कमांडो सुनील जोधा। फोटो: पत्रिका

अलवर। मुंबई के 26/11 आतंकी हमले में अदम्य साहस का परिचय देने वाले राजस्थान के अलवर जिले के एनएसजी कमांडो सुनील कुमार जोधा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी पहचान मिली है। नासा ने भविष्य के मार्स (मंगल) मिशन के लिए उनका नाम चयनित करते हुए डिजिटल बोर्डिंग पास जारी किया है। सुनील कुमार जोधा का नाम, बायोडाटा और फोटो माइक्रोचिप के माध्यम से मंगल मिशन से जोड़ा गया है।

अलवर जिले के मुंडिया खेड़ा निवासी सुनील कुमार जोधा को रविवार को रूस की स्पेस-टेक कंपनी जियो स्कैन की ओर से ईमेल के जरिए प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। कंपनी के अनुसार उनका नाम एक मार्स मिशन से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में मेरा नाम नासा को भेजा था। इसके लिए पूरा प्रोफाइल और उपलब्धियों का विवरण भेजा गया था। चयन के बाद 26 जुलाई को रवाना हुए रूस के यान में अंगूठे के नाखून जितनी माइक्रोचिप के भीतर उनका नाम, बायोडाटा और फोटो भेजा गया है। राजस्थान से यह सम्मान पाने वाले सुनील पहले व्यक्ति हैं।

एनएसजी कमांडो सुनील जोधा। फोटो: पत्रिका

ताज आतंकी हमले के ऑपरेशन में शामिल थे जोधा

अलवर जिले के मुंडिया खेड़ा निवासी सुनील कुमार जोधा का चयन 29 जून, 2001 को भारतीय सेना में हुआ था। उत्कृष्ट प्रदर्शन और अनुशासन के आधार पर वर्ष 2008 में उनका चयन 51 एसएजी, एनएसजी में हुआ। साल 2008 में ही 26 नवंबर को मुंबई के ताज होटल में हुए आतंकी हमले के दौरान वे मेजर संदीप उन्नीकृष्णन की टीम के साथ ऑपरेशन में शामिल थे। अलवर के जांबाज कमांडो सुनील जोधा ने ताज होटल में फंसे हुए लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की।

आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान लगी थी 8 गोली

दूसरी मंजिल पर आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान उन्हें आठ गोलियां लगीं। ​फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी थी और डटे रहे थे। इस ऑपरेशन में उन्होंने अपनी टीम के साथ करीब 40 लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अस्पताल में सात गोलियां निकाल दी गईं, जबकि एक गोली आज भी उनके सीने में फंसी हुई है।

2009 में सेना की ओर से मिला था बहादुरी का सम्मान

उनकी वीरता के लिए वर्ष 2009 में उन्हें सेना की ओर से बहादुरी का सम्मान भी मिला। सुनील अपनी पत्नी रेनू बाला राजपूत तथा बेटों रचित और सक्षम के साथ दिल्ली स्थित सरकारी आवास में रहते हैं, जबकि उनके माता-पिता इंदर सिंह जोधा और लाजवंती आज भी गांव मुंडिया खेड़ा में रहते हैं।

Updated on:
05 Aug 2026 08:47 am
Published on:
05 Aug 2026 08:47 am