6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सुनील जोधा: 26/11 हमले का हीरो, 7 गोलियां लगने के बाद भी आतंकियों से लड़ता रहा, एक गोली अब भी सीने में फंसी हुई

26/11 Attack: Sunil Jodha ने मुंबई में हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकियों का डटकर सामना किया था। इस दौरान उन्हें 7 गोलियां लगी थी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Lubhavan Joshi

•

Updated: 15 Jan 2020, 4:50 PM IST

Sunil Jodha Special Commando Rescued Many People In 2611 attack

सुनील जोधा: 26/11 हमले का हीरो, 7 गोलियां लगने के बाद भी आतंकियों से लड़ता रहा, एक गोली अब भी सीने में फंसी हुई

अलवर. 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले को कौन भूल सकता है। इस हमले में कई बेकसूर लोगों ने जान गंवाई। आतंकियों से लोहा लेते हुए कई वीर जवान देश के लिए शहीद हो गए। देश उन्हें कभी भूल नहीं पाएगा। जब भी 26/11 हमले को याद करते हैं तो अलवर के जाबांज सुनील जोधा का पराक्रम याद आता है। आतंकियों से लोहा लेने वाले अलवर के जाबांज सुनील जोधा के सीने में आज भी वह गोली फंसी हुई है जो आतंकियों ने उन पर चलाई थी। होटल में फंसे करीब 40 लोगों को बाहर निकालने में योगदान देने वाले अलवर के कमांडों को 2009 में गेलेंटरी अवार्ड से सम्मानित किया गया।

कमांडो सुनील जोधा के सीने में सात गोलियां लगी थी, जिसमें से एक गोली आज तक नहीं निकल पाई है। सर्दियों में हर दिन इस गोली की वजह से परेशानी उठानी पड़ती है। जोधा ने बताया कि 26/11 को मुंबई में हमला हुआ और उसके अगले दिन उन्होंने मेजर उन्नीकृष्णन के नेतृत्व में कमांडो ऑपरेशन शुरु किया।

सुबह 7 बजे कमांडो की टीम ने होटल में प्रवेश किया और छठी मंजिल पर 2 आतंकियों को ढेर कर दिया। होटल की दूसरी मंजिल पर 2 आतंकी छिपे हुए थे। वहां बिजली काटने के कारण अंधरा था। कमांडो के पास नाइट विजन डिवाइस थे। होटल के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो उसके अंदर दो आतंकी थे। आतंकियों ने फायरिंग शुरु कर दी, कमांडो ने एक आतंकी को मार गिराया, जबकि दूसरा नीचे चला गया।

आतंकियों की 7 गोलियां सीने में लगी सुनील जोधा को आतंकियों के आधुनिक हथियारों से चली सात गोलियां सीने में लगी। गोली लगने के बाद वो वहीं गिर गए और बिल्कुल भी मूवमेंट नहीं किया, जिससे दूसरे आतंकी को लगा कि वो मर चुका है। दूसरा आतंकी नीचे चला गया तो कमांडोज ने कवर फायरिंग देते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। वहां 7 दिन बार उसे होश आया। ऑपरेशन में छह गोलियां तो निकल गई, लेकिन एक गोली अभी भी उनके सीने में लगी हुई है, जो सर्दियों के दौरान काफी दर्द देती है। सरकार से नहीं मिली मदद हमले के इतने साल बीत जाने के बाद राजस्थान सरकार की ओर से सुनील जोधा को आज तक राज्य सरकार से मदद नहीं मिली है। केन्द्र सरकार ने गेलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया। वे राजस्थान के मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा जता रहे हैं।