कोरोना काल में पेंशनर्स जीवित प्रमाण पत्र के लिए बाहर न जाएं, इसलिए उनके लिए घर बैठे ही सुविधा शुरू की गई है।
अलवर. केंद्र और राज्य सरकार से पेंशन ले रहे बुजुर्गों को अब जीवित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ईमित्र, बैंक और सरकारी कार्यालयों के चक्क्र नहीं काटने पड़ेंगे। भारतीय डाक विभाग की ओर से बुजुर्ग पेंशनरों के लिए घर बैठे डिजिटल
जीवित प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा शुरू की गई है।मुख्य पोस्ट ऑफिस के पोस्ट मास्टर धन्नूराम मीणा ने बताया कि पिछले 1 माह में 280 से ज्यादा पेंशनर इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
डाक विभाग की ओर से ऑनलाइन एप्लीकेशन ली जाती है। जिसमें पेंशनर का नाम पता और मोबाइल नंबर मांगा जाता है। इसके बाद पेंशनर के घर पर डाक विभाग के कर्मचारी को भेजा जाता है। जो डिवाइस के माध्यम से पेंशनर का अंगूठा लेता है जो संबंधित बैंक में ऑनलाइन अपडेट हो जाता है।
केंद्र सरकार पेंशनर्स एसोसिएशन से जुड़े एनके माथुर ने बताया कि डाक विभाग की यह व्यवस्था कोरोना के मुश्किल दौर में बुजुर्ग पेंशनरों के लिए मददगार साबित हो रही है। इन दिनों बुजुर्गों को घर से निकलने में सावधानी बरतने की जरूरत है, ऐसे में घर बैठे काम होने से आसानी हो रही है।