राजस्थान के अलवर, खैरथल-तिजारा व कोटपूतली-बहरोड़ की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। इन जिलों में 10 करोड़ की लागत से कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। जिसमें कई उच्च स्तरीय सड़कें, एयरस्ट्रिप, ई-बस, मेगा पेयजल परियोजनाएं, टूरिस्ट सर्किट और नए औद्योगिक हब शामिल हैं।
अलवर। राजस्थान के अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से होने वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों को लेकर रविवार को मिनी सचिवालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलक्टर डॉ आर्तिका शुक्ला सहित तीनों जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, रेलवे, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। यदि सभी प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे होते हैं तो अलवर संसदीय क्षेत्र विकास की नई पहचान बनेगा। वहीं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार लगातार मॉनिटरिंग कर प्रोजेक्ट्स को धरातल पर उतारने के लिए केंद्र और संबंधित राज्यों के साथ समन्वय कर रही है।
क्षेत्र में रोड नेटवर्क मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी गई। इनमें पनियाला-बड़ोदामेव एक्सप्रेस-वे, एनएच-921 सुदृढ़ीकरण, एनएच-248ए कॉरिडोर विकास, नीमराना-हरियाणा बॉर्डर स्टेट हाईवे, भरतपुर-अलवर फोरलेन और रेवाड़ी-टपूकड़ा-केएमपी बाइपास जैसे कार्य शामिल हैं।
बैठक में क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए रामजल सेतु प्रोजेक्ट, अलवर-भरतपुर चंबल मेगा पेयजल योजना, यमुना लिंक प्रोजेक्ट और रूपारेल नदी पुनरुद्धार जैसे कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही अलवर, भिवाड़ी और नीमराना के औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बाबा भर्तृहरि, बाबा मोहनराम, तिजारा फोर्ट और नीमराना जैसे पर्यटन स्थलों को विकसित कर टूरिस्ट सर्किट से जोड़ने की योजना पर मंथन हुआ। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स को गति देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अलवर और भिवाड़ी के लिए इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान को जल्द मंजूरी देने पर जोर दिया गया। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट और स्वच्छता सखियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की योजना भी तैयार की गई।
बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री और मुख्य सचिव ने राजीविका महिला समूहों के स्टॉल का अवलोकन कर महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विकास कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा कर उन्हें तय समय सीमा में पूरा कराया जाए।
जिला कलक्टर अलवर डॉ आर्तिका शुक्ला, जिला कलक्टर खैरथल-तिजारा अतुल प्रकाश एवं जिला कलक्टर कोटपूतली-बहरोड अपर्णा गुप्ता ने बैठक में दिए गए निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित कराने का विश्वास दिलाया।