Langur funeral in Rajasthan: कस्बे की गलियां जय बजरंग बली के जयकारों से गूंज उठीं। बैंड-बाजों के साथ भव्य शव यात्रा निकाली गई, जिसमें नम आंखों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
Alwar News: राजस्थान की माटी में जीवों के प्रति करुणा और ईश्वर के प्रति अगाध श्रद्धा के दर्शन अक्सर होते हैं, लेकिन अलवर के गोविंदगढ़ कस्बे में हाल ही में जो दृश्य दिखा, उसने मानवता और भक्ति की एक नई मिसाल पेश की है। यहां करंट की चपेट में आने से जान गंवाने वाले एक लंगूर को कस्बेवासियों ने महज एक वन्यजीव न मानकर, …बजरंग बली…का स्वरूप मानते हुए पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक रीति.रिवाजों के साथ विदाई दी।
घटना की शुरुआत बस स्टैंड के समीप हुई, जहां बिजली के तारों के संपर्क में आने से एक लंगूर की अकाल मृत्यु हो गई। इस खबर ने पूरे कस्बे को झकझोर दिया। स्थानीय व्यापारियों, गौसेवकों और श्रद्धालुओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस वानर का अंतिम संस्कार हिंदू परंपराओं के अनुसार किया जाएगा। 24 दिसंबर को कस्बे की गलियां जय बजरंग बली के जयकारों से गूंज उठीं। बैंड-बाजों के साथ भव्य शव यात्रा निकाली गई, जिसमें नम आंखों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मौन और शोक के बीच, शनिवार को लंगूर की आत्मा की शांति के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे से सुंदरकांड के सस्वर पाठ, सत्संग और हरि कीर्तन का आयोजन किया गया। भक्तिमय वातावरण में डूबे श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को एक आध्यात्मिक उत्सव का रूप दे दिया। अनुष्ठान के पश्चात एक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर जीव मात्र के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।
जहां एक ओर भक्ति का प्रवाह था, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश भी देखा गया। कस्बेवासियों ने सार्वजनिक स्थानों पर झूलते नंगे तारों और खुले खंभों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। लोगों का कहना है कि यह हादसा विभाग की लापरवाही का नतीजा है।