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राजस्थान विधानसभा चुनावों में अब बेहद कम समय बचा है, ऐसे में दोनों पार्टियां चुनावी रणनीति बनाने व तैयारियों में जुट गई हैं। विधानसभा चुनावों से पूर्व ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। विधानसभा चुनावों से पूर्व भाजपा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया है। अलवर में भाजपा ने कांग्रेस पर गलत मतदाता सूची उपलब्ध कराकर शहर में रहने वाले जीवित मतदाताओं का नाम कटवाने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर अलवर शहर विधानसभा प्रभारी अशोक गुप्ता ने एसीएम को पत्र लिखा है। भाजपा की ओर से इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस की सूची में ऐसे लोगों के नाम हैं, जो शहर में निवास कर रहे हैं और जीवित हैं, लेकिन पिछले चुनावों में भाजपा को मिले अधिक मतों को आधार बनाकर यह सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई जा रही है। भाजपा का आरोप है कि पिछले विधानसभा चुनावों में शहर में फर्जीवाड़ा कर 45 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटवा दिए थे। इनकी जानकारी मतदान के दिन हुई, मतदाता जब वोट डालने पहुंचे तो उन्हें मतदाता सूची में नाम नहीं मिले। उन्होंने बीएलओ को निर्देश देने की मांग की है कि मतदाता सूची में दर्ज नामों को सत्यापन के बाद ही हटाया जाए।
चुनाव दर चुनाव अलवर में इतने मतदाता
अलवर में 2013 के विधानसभा चुनावों में 2 लाख 1 हजार मतदाता थे, जबकि लोकसभा चुनाव 2014 में 2 लाख 29 हजार मतदाता थे, नगर परिषद 2014 के चुनावों में अलवर में 2 लाख 46 हजार मतदाता थे।
नए दावेदारों की उम्मीद जगी, स्थापित नेताओं की चिंता बढ़ी
दोनों प्रमुख दलों में अभ तक करीब आधे विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से युवा दावेदारों की उम्मीदें बढ़ गई है। ऐसे दावेदारों का मानना है कि एक-एक सीट का संघर्ष होने के कारण टिकट वितरण में साफ छवि व युवा चेहरे को प्राथमिकता दिया जाना तय है। इस कारण टिकट में उनका दांव लग सकता है। इसी उम्मीद के चलते दोनों ही दलों के युवा दावेदारों ने क्षेत्रों में चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी है।