
अलवर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से रविवार को जिले के 80 परीक्षा केंद्रों पर लिपिक ग्रेड द्वितीय एवं कनिष्ठ सहायक संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा के दोनों पेपर अभ्यर्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहे। पहली पारी में अभिकथन और सूची आधारित प्रश्नों ने परीक्षार्थियों का सबसे अधिक समय लिया, जबकि दूसरी पारी में हिंदी के कठिन प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाए रखा।
कई अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर कठिन रहा, इसलिए कटऑफ कम रह सकती है। पहली पारी में अभिकथन और सूची आधारित ऐसे प्रश्न पूछे गए, जिनमें एक ही सवाल के भीतर कई कथनों का मिलान कर सही उत्तर चुनना था। सामान्य ज्ञान, गणित और विज्ञान के कई प्रश्न भी विश्लेषणात्मक रहे। रासायनिक अभिक्रियाओं से जुड़े प्रश्नों ने भी अभ्यर्थियों की परीक्षा ली। परीक्षार्थियों ने बताया कि कठिन प्रश्नों के कारण काफी समय एक ही सेक्शन में निकल गया।
दूसरी पारी में हिंदी ने सबसे अधिक परेशान किया। व्याकरण और भाषा संबंधी कई प्रश्न भ्रमित करने वाले थे, जबकि अंग्रेजी का स्तर अपेक्षाकृत सरल रहा। अभ्यर्थियों का कहना था कि हिंदी में विकल्प इतने नजदीकी थे कि सही उत्तर चुनने में अतिरिक्त समय लग गया।
अलवर जिले में पहली पारी में 24,360 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 18,774 ने परीक्षा दी, जबकि 5,586 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पारी में 77.07 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। दूसरी पारी में 76.38 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिले के किसी भी परीक्षा केंद्र से नकल या अन्य अनियमितता की सूचना नहीं मिली। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
बहरोड़ शहर में रविवार को कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित एलडीसी भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा के लिए शहर में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां दो पारियों में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हुए। पहली पारी की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित हुई, जबकि दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक संपन्न कराई गई। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और जांच व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई थी।
अभ्यर्थियों को पहली पारी के लिए सुबह 8:30 बजे तक तथा दूसरी पारी के लिए दोपहर 2 बजे तक ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। निर्धारित समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। इससे पहले केंद्रों के बाहर सुबह से ही परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। पुलिस कर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से जांच करने के साथ ही अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, पहचान पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच पूरी होने के बाद ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया गया।
राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से निर्धारित ड्रेस कोड और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया गया। परीक्षा केंद्रों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि न हो सके। परीक्षा को लेकर शहर में दिनभर हलचल बनी रही। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के परिजनों की भीड़ भी दिखाई दी, जबकि पुलिस बल लगातार व्यवस्था संभाले नजर आया।