Alwar Crime: पुलिस जांच में सामने आया है कि बैंक अधिकारी की पत्नी अलवर में पति से अलग रहने के दौरान एप के जरिए वाहन बुक करके अपने प्रेमी ऋषभ से मिलने जाती थी। वहीं जयपुर में पति से मिलने जाने के लिए ऋषभ की टैक्सी से जाती थी।
अलवर। जिले से एक बैंक अधिकारी की हत्या की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमें हत्या के लिए खौफनाक वारदात की साजिश रचने वाली कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी का ही नाम सामने आया है। जिस टैक्सी में सवार होकर महिला अपने बैंक अधिकारी पति से मिलने जाती थी, उसी के ड्राइवर के साथ मिलकर उसने यह साजिश रची।
दरअसल, एक बैंक अधिकारी की जिंदगी उस समय उलझनों में घिर गई, जब उसे अपनी ही पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मामला जितना साधारण दिखता था, जांच आगे बढ़ने के साथ उतना ही पेचीदा और चौंकाने वाला होता चला गया।
पीड़ित बैंक अधिकारी ने 7 मार्च को पुलिस में शिकायत दी। उसने बताया कि उसकी शादी साल 2018 में अर्चना अरोड़ा से हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। नौकरी के कारण उसकी पोस्टिंग जयपुर में थी, जबकि पत्नी अलवर में रहती थी। इसी दौरान पत्नी अक्सर टैक्सी से जयपुर उससे मिलने आती-जाती थी। लेकिन यही सफर धीरे-धीरे उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा खतरा बन गया।
दरअसल, जिस टैक्सी में बैठकर वह पति से मिलने जाती थी, उसी के ड्राइवर ऋषभ शर्मा से उसकी नजदीकियां बढ़ने लगीं। शुरुआत में यह महज बातचीत तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम और अवैध संबंध हो गए। आरोप है कि दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया और इसी के साथ पति उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन गया।
एनईबी थाने के प्रभारी दिनेश चंद के अनुसार, आरोपी ऋषभ मूल रूप से दौसा जिले के बांदीकुई का निवासी है। मां की मौत के बाद वह अलवर के राजगढ़ इलाके में अपने नाना के घर रहने लगा था। अप्रैल 2025 में अर्चना की मुलाकात ऋषभ से हुई और यहीं से उसकी जिंदगी ने अलग मोड़ ले लिया। दोनों के बीच लगातार बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे गहरे संबंध में बदल गई। बताया जाता है कि अर्चना अक्सर मोबाइल एप के जरिए टैक्सी बुक कर ऋषभ से मिलने जाया करती थी।
कुछ ही महीनों बाद, 7 सितंबर 2025 को अर्चना अपने दो साल के बेटे को साथ लेकर घर से नकदी और जेवर लेकर निकल गई और ऋषभ के साथ चली गई। इसके बाद ऋषभ उसे पहले जयपुर लेकर गया और फिर दिसंबर 2025 में भिवाड़ी जिले में रखा। हालांकि, बाद में अर्चना अपने बेटे के साथ अलवर लौट आई। लेकिन यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। जनवरी 2026 से वह फिर से ऋषभ के साथ रहने लगी।
इसी दौरान मामला और गंभीर हो गया। मार्च 2026 में ऋषभ बैंक अधिकारी को टैक्सी में बैठाकर जयपुर की ओर ले गया, जहां रास्ते में उस पर हमला करने की कोशिश की गई। किसी तरह बच निकलने के बाद पीड़ित ने 7 मार्च को पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया। उसने पुलिस को घटना से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी, जो जांच में अहम सबूत बनी।
इस केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब 22 दिसंबर को अर्चना ने अपने पति और मायके वालों के साथ मिलकर प्रेमी ऋषभ के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया गया कि ऋषभ ने उसके छोटे बच्चे को नुकसान पहुंचाया था। हालांकि, बाद में जब अदालत में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया हुई, तो अर्चना अपने ही आरोपों से पीछे हट गई।
इसी बीच, ऋषभ के जेल जाने के बाद अर्चना ने पति के घर एक पत्र भेजा, जिसमें उसने गंभीर धमकियां दीं। पत्र में विवाद सुलझाने के नाम पर पहले 30 लाख रुपए मांगने और बाद में 50 लाख रुपए की मांग करते हुए परिवार को नुकसान पहुंचाने तक की चेतावनी दी गई।
वहीं, बैंक अधिकारी का कहना है कि जब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो ऋषभ ने उसे फोन पर भी धमकाया। आरोपी ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी और कहा कि वह उसे जान से नहीं मारेगा। वह उसे उसकी मां और उसके पिता को इतना तड़पाएगा कि खुद ही सब मर जाएंगे। वह उसकी नौकरी भी जाएगा। इस तरह लगातार मिल रही धमकियों ने पूरे मामले को और अधिक भयावह बना दिया।