बजट में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की घोषणा की थी। अलवर जिले के हिस्से में 53 स्कूलें आई हैं।
अलवर. राज्य की बजट घोषणा के अनुसार प्रदेश के पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय खोले जाएंगे। इस हिसाब से अलवर जिले के हिस्से में 53 गांवों में अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय खुलेंगे।
इन विद्यालयों में गिगलाना, मातोर, झिवाना, बाघोर, जेरोली, अलावड़ा, तूलेड़ा, हरसोरा, हाजीपुर, चतरपुरा, दुहार चौगान, राजपुर बड़ा, गढ़ी सवाईराम, गारू, गंडाला, मुंडावर, घासोली, इस्माइलपुर, बहादुर पट्टी, पृथ्वीपुरा, बालेटा, बरखेड़ा, हमीरपुर, रतनपुरा, राजगढ़ , हरसाना, समूची, ततारपुर, चांदोली, बीजवाड़, मुंडावरा, सकट, राम निवास, रामबास, सोनखर, खेरली रेल, कोटकासिम, ईटाराणा ग्रामीण, रामपुर, रैणी, तसई, हरसोली, ग्वालदा, पिनान, मौजपुर, कठूमर, रामगढ़, थानागाजी, बानसूर, नारायणपुर, बहरोड़ हैं।
अलवर जिले में नयाबास स्थित राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्री नर्सरी कक्षाएं भी लगेंगी। अभी तक इनमें कक्षा 6 से 10 वीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इसी प्रकार सरकारी माध्यमिक व सीनियर माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल कक्षाओं की आवश्यकता को देखते हुए स्मार्ट टीवी और सेटअप बाक्स भी उपलब्ध होंगे।
तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा-
सरकार ने बजट में उच्च तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जोधपुर में डिजिटल विश्वविद्यालय खोला है लेकिन इस बजट में शिक्षा के क्षेत्र में अलवर जिले के लिए कोई विशेष नहीं है। इसे संतुलित बनाने का प्रयास किया है जिसमें मुख्यमंत्री सफल हुए हैं।-राजेश भारद्वाज, शिक्षाविद्, उच्च शिक्षा।
निशुल्क मिलेगी ड्रेस
बजट में कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पोशाक वितरण करना एक अच्छा कदम है। अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय स्थापित करना समय के साथ चलना है। हिंदी माध्यम के सरकारी विद्यालयों को भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाना चाहिए। -मेहताब सिंह, शिक्षाविद्, स्कूल शिक्षा