अलवर

राजस्थान में अनोखा मामला: 39 साल की महिला ने 10वें बच्चे को दिया जन्म, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद हुई नॉर्मल डिलीवरी

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। 39 वर्षीय एक महिला ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद अपनी 10वीं संतान को सामान्य प्रसव से जन्म दिया।
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Jul 28, 2026
woman delivery
39 साल की महिला ने 10वें बच्चे को दिया जन्म। Photo AI Generator

अलवर। राजस्थान के बांसवाड़ा, बीकानेर, जोधपुर, कोटा समेत कई शहरों में पिछले एक महीने में कई प्रसूताओं की मौत अस्पतालों में हो गई। सरकार को बड़े कदम उठाने पड़े और इन मौतों को काबू करने के लिए काफी प्रयास करने पड़े, लेकिन इन तमाम घटनाओं के बीच राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। 39 वर्षीय एक महिला ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद अपनी 10वीं संतान को सामान्य प्रसव से जन्म दिया।

महिला का ब्लड प्रेशर 170 से 190 के बीच होने के कारण चिकित्सकों ने उसे पहले अलवर और फिर जयपुर रेफर किया था, लेकिन वह उपचार के लिए जयपुर जाने के बजाय अपने घर लौट आई। कई दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम और अधिकारियों की समझाइश के बाद महिला सोमवार को कोटकासिम के एक निजी अस्पताल पहुंची, जहां उसने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। फिलहाल मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

जानकारी के अनुसार खानपुर गांव निवासी 39 वर्षीय महिला की शादी वर्ष 2006 में हुई थी। पति खेती का कार्य करते हैं। महिला की यह 10वीं डिलीवरी है। अब उनके परिवार में कुल 10 बच्चे हैं, जिनमें 4 बेटे और 6 बेटियां शामिल हैं।

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जयपुर रेफर किया, पर घर लौट आई महिला

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. मधु यादव ने बताया कि 21 जुलाई को महिला को खानपुर उपस्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टर श्रीपाल गुर्जर ने उन्हें पूर सीएचसी रेफर किया। यहां जांच में महिला का ब्लड प्रेशर 170 से 190 के बीच मिला, जो हाई रिस्क श्रेणी में आता है। स्थिति को गंभीर देखते हुए 108 एंबुलेंस के जरिए पहले अलवर के जनाना अस्पताल और वहां से जयपुर के सांगानेरी गेट अस्पताल रेफर किया गया था। हालांकि महिला जयपुर जाने के बजाय अपने घर लौट गई थी।

स्वास्थ्य विभाग ने की लगातार समझाइश

डॉ. यादव ने बताया कि सीएमएचओ, बीसीएमओ समेत ब्लॉक के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार महिला और उसके परिजनों से संपर्क बनाए रखा। सुरक्षित प्रसव के लिए कई बार समझाइश दी गई और गांव में 108 एंबुलेंस भी भेजी गई, लेकिन महिला हर बार घर की जिम्मेदारियों का हवाला देकर अस्पताल जाने से मना करती रही। आखिरकार सोमवार को परिजनों और स्वास्थ्य विभाग की समझाइश के बाद वह कोटकासिम के एक निजी अस्पताल पहुंची, जहां सामान्य प्रसव के दौरान उसने बेटी को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।

Updated on:
28 Jul 2026 02:13 pm
Published on:
28 Jul 2026 02:11 pm