
अलवर निकाय चुनाव की घोषणा होते ही अब सबकी नजर वार्डों के आरक्षण पर टिकी है। चुनाव आयोग यह तैयारी 10 अगस्त तक पूरी करवाने जा रहा है। वार्डों का आरक्षण जिला प्रशासन तय करेगा। यह लॉटरी सिस्टम से होगा। शहर के कुल 65 वार्डों में से 11 वार्ड अनुसूचित जाति (एससी) व तीन वार्ड अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित होंगे। बाकी 51 वार्ड सामान्य व अन्य वर्ग के लिए होंगे। इस बार यह चुनाव दिलचस्प माना जा रहा है। क्योंकि इससे पहले ही वोटों का गणित गड़बड़ा गया है। वार्ड परिसीमन से एरिया इधर-उधर हो गए। ऐसे में प्रत्याशियों को वोट जुटाने के लिए पसीना बहाना होगा।
वर्ष 2019 के निकाय चुनाव में वार्ड नंबर 30 नयाबास, वार्ड 34 सोनावा डूंगरी व वार्ड नंबर 37 मालवीय नगर एसटी वर्ग के लिए आरक्षित थे। इस बार परिसीमन हुआ, तो नयाबास व मालवीय नगर इस वर्ग के खाते में यथावत रहेगा, लेकिन अखैपुरा वार्ड 25 नया जुड़ने की संभावना है। क्योंकि इस वार्ड में एसटी की जनसंख्या सर्वाधिक है।
इसी तरह अनुसूचित जाति की सर्वाधिक जनसंख्या वाले वार्डों में 11, 26, 43, 44, 4, 41, 15, 5, 40, 42 व वार्ड 10 शामिल हैं। क्रम अनुसार यह वार्ड जनसंख्या के आरोही क्रम हैं। ऐसे में यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने की संभावना है। एससी की सर्वाधिक जनसंख्या वार्ड 11 में 79.11 है। इस वार्ड में पिछले चुनाव में भी कोई परिवर्तन नहीं था और इस चुनाव में भी। यानि यह यथावत रहने की संभावना है।
-वार्ड नंबर 40 से 44 तक पांच नए वार्ड बनाए गए। यह वार्ड हनुमान सर्किल, कैमाला, सूर्य नगर, बख्तल की चौकी की दिशा में हैं। यह नए परिसीमन में नए वार्ड बने हैं। यहां जनसंख्या अनुसूचित जाति की अधिक है। ऐसे में यह वार्ड इसी वर्ग के लिए आरक्षित होने की संभावना है।
-वार्ड नंबर 26 पिछले चुनाव में वार्ड 27 था। इस बार इसकी क्रम संख्या बदली, स्थिति पुरानी ही है।
-वार्ड 11 में कोई परिवर्तन नहीं है। वार्ड 10 भी लगभग वही पुराने जैसा है। ऐसे में यह भी एससी के खाते में जाने के प्रबल आसार हैं।