अलवर

Alwar: अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाला, मुख्य सचिव सख्त; फर्जीवाड़े पर तुरंत FIR और जांच के आदेश

राजस्थान के नौगांवा में एनएसपी (NSP) पोर्टल के जरिए हुए करोड़ों रुपए के अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव ने इस फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करने और 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

2 min read
Jun 04, 2026
minority scholarship scam
representative picture

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में फर्जी बैंक खातों और फर्जी स्कूलों के नाम पर करोड़ों रुपए डकारने वाले घोटालेबाजों की अब खैर नहीं है। नौगांवा में नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के जरिए हुए इस बड़े घोटाले को लेकर राजस्थान सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव ने एक हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक बुलाई और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इस उच्चस्तरीय बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त शासन सचिव, घोटाले से जुड़े जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), जिला शिक्षा अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तमाम बड़े अफसर मौजूद रहे। बैठक में अब तक हुई जांच और दर्ज किए गए मुकदमों की बारीकी से समीक्षा की गई।

लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर भी गिरेगी गाज

मुख्य सचिव ने साफ शब्दों में निर्देश दिए हैं कि इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच बिना किसी दबाव के, निष्पक्ष और समय सीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा सामने आए, वहां बिना किसी देरी के तुरंत नई एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाए। मुख्य सचिव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मिलकर काम करने के आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि संदिग्ध बैंक खातों, फर्जी छात्रवृत्ति आवेदनों और इसमें शामिल स्कूलों की भूमिका की गहराई से जांच हो। अगर जांच में किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत पाई जाती है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा और सख्त विभागीय कार्रवाई होगी। इस पूरे प्रकरण के बाद जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आ गए हैं।

15 दिन में मांगी प्रोग्रेस रिपोर्ट

इस मामले में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ढिलाई न बरतने की चेतावनी देते हुए अगले 15 दिनों के भीतर जांच की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके बाद दोबारा समीक्षा बैठक की जाएगी। इस पूरे प्रकरण की जांच में अधिकारियों को ढिलाई नहीं बरतने की नसीहत दी गई है। मामले को लेकर साइबर थाना प्रभारी रामनिवास मीणा ने बताया कि शिक्षा और अल्पसंख्यक विभाग की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और कुछ जरूरी दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी महेश मेहता ने बताया कि बीकानेर मुख्यालय से संदिग्ध बैंक खातों की पूरी डिटेल मांगी गई है। जैसे ही यह जानकारी मिलेगी, इसे पुलिस और साइबर सेल के साथ साझा किया जाएगा।

Updated on:
04 Jun 2026 12:58 pm
Published on:
04 Jun 2026 12:28 pm