
Rajasthan Weather Update: इन दिनों सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों से लोग बेहाल हैं, वहीं आज गुरुवार को बहरोड़ कस्बे और आस-पास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदल ली। पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी और उमस के बीच दोपहर बाद अचानक आसमान में काले-काले बादलों का डेरा जमा हो गया।
देखते ही देखते झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। इस दौरान बहरोड़ और उसके नजदीकी गांवों में तेज बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, जिसने मौसम को पूरी तरह खुशनुमा बना दिया और लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत दी।
आसमान से बरसी राहत की इन बूंदों और ओलों ने बहरोड़ वासियों को हैरान भी किया और खुश भी। काफी देर तक रुक-रुक कर हुई इस ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी बह निकला। अचानक गिरे ओलों को देखकर बच्चों और युवाओं के चेहरे खिल उठे और लोग अपने घरों की छतों और आंगनों में ओले बटोरते हुए नजर आए।
इस अचानक हुए बदलाव के कारण जिले में पिछले कई दिनों से चल रही लू (हीटवेव) का असर पूरी तरह खत्म हो गया और वातावरण में ठंडी हवाएं चलने लगी, जिससे लोगों को एसी और कूलरों की हवा से भी ज्यादा सुकून मिला।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और स्थानीय स्तर पर बने चक्रवाती तंत्र के कारण अलवर और बहरोड़ के इलाके में यह मौसमी बदलाव देखने को मिला है। जून के महीने में इस तरह की ओलावृष्टि अमूमन कम ही देखी जाती है, लेकिन अचानक छाए बादलों ने हवा के दबाव को बदल दिया।
इस ओलावृष्टि और बारिश के कारण बहरोड़ कस्बे सहित ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल हो गई, जिसे ठीक करने में डिस्कॉम की टीमें जुट गईं। बिजली कटने के बावजूद ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।
इस बारिश और ओलावृष्टि से जहां आम जनता को जानलेवा गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान अलवर, बहरोड़ जिले सहित आस-पास के क्षेत्रों में इसी तरह का मौसम बने रहने और कहीं-कहीं धूलभरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है।
प्रशासन ने लोगों से आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े होने की अपील की है। बहरहाल, गुरुवार को हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने बहरोड़ के लोगों के लिए एक बार फिर से राहत दी है।