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Ram Navami : राजस्थान में रामनवमी कब मनेगी 26 मार्च या 27 मार्च? भक्तों में हैं असमंजस

Ram Navami : राजस्थान में एक बार फिर रामनवमी को लेकर इस बार भक्तों में असमंजस बना हुआ है। कोई 26 मार्च को तो कोई 27 मार्च को रामनवमी मनाने की बात कह रहा है। कब है रामनवमी जानें।

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Mar 25, 2026
प्रतीकात्मक फोटो - AI

Ram Navami : राजस्थान में एक बार फिर रामनवमी को लेकर इस बार भक्तों में असमंजस बना हुआ है। कोई 26 मार्च को तो कोई 27 मार्च को रामनवमी मनाने की बात कह रहा है। इस बार अष्टमी व नवमी एक ही तिथि को मनाई जा रही है।

बाला किला पर भरने वाला करणी माता का मेला 27 मार्च तक जारी रहेगा। मंदिर के पुजारी उमेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में 26 मार्च को अष्टमी की पूजा होगी और 27 मार्च को नवमी पूजा के साथ मेले का समापन होगा।

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पंडित तपेश अवस्थी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार रामनवमी गुरुवार 26 मार्च को ही मनाया जानी चाहिए। पंडित राजेंद्र शर्मा ने बताया कि अष्टमी और नवमी दोनों 26 तारीख को ही मनाई जाएगी। भगवान राम का जन्म उत्सव रामनवमी 26 मार्च को ही मनाई जाएगी क्योंकि 27 तारीख को दोपहर 12 बजे नवमी नहीं है। इस दिन अष्टमी सुबह 9 बजे तक मना लें और उसके उपरांत नवमी पूजन करें और भगवान राम का जन्म उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मना सकते हैं।

भर्तृहरि धाम मंदिर में रामनवमी उत्सव 26 को

राजर्षि अभय समाज स्थित भर्तृहरि धाम मंदिर में रामनवमी उत्सव 26 को मनाया जाएगा। संस्था के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे भक्ति संगीत से होगी। दोपहर 12 बजे महाआरती का आयोजन होगा। शाम 6 बजे अभय समाज के रंगमंच पर राम रूप सज्जा प्रतियोगिता तीन वर्गों में होगी।

कार्यक्रम संस्था के अध्यक्ष पंडित धर्मवीर शर्मा के सानिध्य एवं महानिदेशक मनोज कुमार गोयल के मार्गदर्शन में होगा। प्रचार मंत्री अमृत खत्री ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों के अभिभावक 25 मार्च को सायं 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक संस्था कार्यालय से कोड नंबर प्राप्त कर सकेंगे।

रामनवमी क्यों मनाते हैं?

रामनवमी मुख्य रूप से भगवान विष्णु के सातवें अवतार, भगवान श्रीराम के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर प्रभु राम का जन्म हुआ था। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई, धर्म की अधर्म पर विजय और मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श जीवन को याद करने के लिए मनाया जाता है। राम का जीवन सिखाता है कि हमेशा धर्म (सदाचार) की विजय होती है।

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Published on:
25 Mar 2026 09:06 am
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