Sariska News : सरिस्का के पीक सीजन में दो माह से लगातार बाघिन एसटी 30 की साइटिंग हो रही है। यह पर्यटकों का खूब मनोरंजन कर रही है।
सरिस्का के पीक सीजन में दो माह से लगातार बाघिन एसटी 30 की साइटिंग हो रही है। यह पर्यटकों का खूब मनोरंजन कर रही है। पहले इस बाधिन की साइटिंग कम थी, लेकिन शावकों के जन्म के बाद यह पर्यटक जोन में ही नजर आ रही है। इसके शावक आए-दिन अठखेलियां करते हैं। यही कारण है कि इसी बाधिन के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हैं।
गर्मियों के सीजन में एसटी-21 की साइटिंग पर्यटकों को होती थी। बाकी टाइगर कम देखे जाते थे, लेकिन पीक सीजन सर्दियों का शुरू हुआ, तो इस बार युवराज की टेरिटरी में अकबरपुर रेंज का टाइगर-2304 करीब एक माह तक डटा रहा, जिसकी आए दिन साइटिंग हुई। इसके बाद जिप्सियों के रास्ते पर एसटी-2302 व उसके शावकों की साइटिंग भी बढ़ी। सरिस्का बफर एरिया में बाधिन एसटी-2302 व उसके शावकों की साइटिंग भी आए दिन हो रही है। गुरुवार को जिप्सियों के रास्ते पर एक शावक काफी देर तक बैता नजर आया।
करीब 2 माह से पर्यटक जोन में एसटी-30 व उसके तीन शावक बने हुए हैं, जो कभी पांडुपोल की ओर नजर आ रहे है, तो कोई टहला गेट के रास्ते पर। सरिस्का के एक अधिकारी का कहना है कि सबसे अधिक साइटिंग एसटी-30 की हो रही है। युवराज भी जाए दिन पर्यटकों का मनोरंजन कर रहा है।
वर्तमान में सरिस्का टाइगर रिजर्व में करीब 50 बाघ मौजूद हैं। बाघों की संख्या बढ़ने के साथ उनका प्राकृतिक दायरा भी सरिस्का से लगे आसपास के जंगलों तक फैल रहा है। शहर के नजदीक स्थित बफर जोन में लगातार टाइगर की साइटिंग होने से पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि सरिस्का में सफल संरक्षण प्रयासों की भी पुष्टि हो रही है।