पिछले दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरिस्का में जंगली जानवर के हमले से व्यक्ति घायल हुआ है। यह वायरल दावा गलत है।
अलवर. बाघों की संख्या में निरंतर हो रही वृद्धि एवं पर्यटकों को जंगल के राजा टाइगर की सुलभ साइटिंग होने से सरिस्का बाघ परियोजना की ख्याति देश विदेश में बढ़ी है। सरिस्का की बढ़ती ख्याति से परेशान होकर कुछ शरारती तत्व पुराने एवं गलत वीडियो वायरल कर सरिस्का की छवि पर दाग लगाने का दुष्प्रयास कर रहे हैं। वन्यजीव प्रेमियों ने ऐसे शरारती तत्वों की जांच करा कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों का कुनबा बढऩे और उनकी सुलभ साइटिंग से पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इससे जिले के पर्यटन को भी पंख लगे हैं। खास बात यह है कि सरिस्का में दो दशक से ज्यादा समय से किसी भी बाघ ने व्यक्ति पर हमला नहीं किया है, जबकि अन्य टाइगर रिजर्व में बाघ व मानव संघर्ष की घटनाएं हुई है। वहीं सरिस्का में बाघों के जंगल से बाहर निकलने जैसी घटनाएं भी नहीं हुई है। साथ ही बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है। इससे सरिस्का की पर्यटन क्षेत्र में ख्याति लगातार बढ़ रही है।
सहज पहुंच से बढ़ रहे पर्यटक
सरिस्का बाघ परियोजना की भौगोलिक स्थिति अन्य टाइगर रिजर्व से अलग से है। दिल्ली व जयपुर के मध्य स्थित होने से पर्यटकों के लिए सरिस्का की पहुंच आसान है। वहीं आवागमन के पर्याप्त साधन होने तथा बेहतर सडक़ मार्ग के कारण पर्यटकों के लिए सरिस्का पहली पसंद बनने लगा है। इससे अलवर जिले का पर्यटन बढ़ा है, वहीं अन्य क्षेत्रों के पर्यटन पर विपरीत प्रभाव की आशंका बढ़ गई है। संभवत: यही कारण है कि कुछ लोग सरिस्का की छवि को धूमिल करने के लिए दूसरे क्षेत्रों में हुए व्यक्तियों पर बाघ के हमले को सरिस्का व पाण्डुपोल क्षेत्र से जोडऩे का दुष्प्रयास कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में बोली भाषा ही अलगइन दिनों बाघ का व्यक्तियों पर हमले का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सरिस्का व पाण्डुपोल से जोडऩे का दुष्प्रयास किया गया है। जबकि इस वीडियो में लोगों की बोली भाषा भी किसी अन्य प्रांत की है। वीडियो का बैक ग्राउंड भी सरिस्का से मेल नहीं खाता। व्यक्ति पर बाघ के हमले का वीडियो को देख कुछ लोग भ्रमित भी हो गए, लेकिन बाद में जानकारी करने पर यह झूठा निकला।
वीडियो गलत
पाण्डुपोल मंदिर के महंत पं. बाबूलाल शर्मा एवं सरिस्का के सीसीएफ आरएन मीणा ने पांडुपोल श्रद्धालु के ऊपर शेर का हमला के वायरल वीडियो को गलत बताया है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि ऐसे वीडियो बिना पुष्टि किए नहीं डालें। सरिस्का में ऐसी कोई घटना नहीं घटी है। यहां पर मनुष्य, वन्य जीव और प्रकृति घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं तथा एक दूसरे के पूरक हैं।
गलत वीडियो वायरल करने वाले देश विरोधी
सरिस्का बाघ परियोजना का नाम जोडकऱ फेक वीडियो वायरल करने वाले लोग देश विरोधी हैं। सरिस्का में बाघ के व्यक्ति के संघर्ष की कोई घटना नहीं हुई है। वायरल वीडियो में बोली भाषा भी सरिस्का व आसपास के क्षेत्र की नहीं है। इस वायरल वीडियो का सरिस्का से कोई सम्बन्ध नहीं है।
सुदर्शन शर्मा, डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना