अलवर

राजस्थान का यह बाघ है खतरों का खिलाड़ी, रणथम्भौर से चलकर धौलपुर और भरतपुर चला गया, फिर सरिस्का लाया गया

सरिस्का के बाघ एसटी-16 की उम्र 15 वर्ष हो गई है, लेकिन अभी भी यह खतरों का खिलाड़ी माना जाता है।

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Oct 20, 2020
राजस्थान का यह बाघ है खतरों का खिलाड़ी, रणथम्भौर से चलकर धौलपुर और भरतपुर चला गया, फिर सरिस्का लाया गया

अलवर. खतरों के खिलाड़ी के बारे में फिल्मों में खूब सुना है, लेकिन सरिस्का बाघ परियोजना में एक बाघ ऐसा है जो कि उम्रदराज होने के बाद भी हर खतरे से आसानी से उबर जाता है। यही एसटी-6 बाघ इन दिनों फिर पूछ के ऊपर हुए घाव से जूझ रहा है।

वर्ष 2010 में रणथंभौर में एक वन अधिकारी पर हमला उन्हें घायल करने के कारण चर्चा में आया यह बाघ लंबी डगर भी तय कर चुका है। रणथंभौर से निकल यह बाघ मथुरा पहुंच एक व्यक्ति को घायल करने के बाद धौलपुर पहुंच गया। काफी समय तक घौलपुर क्षेत्र में रहने के बाद यह बाघ भरतपुर के घना में पहुंच गया। घना में बाघ की मौजूदगी से पर्यटकों को खतरा देख टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इसका अलवर जिले के सरिस्का टाइगर रिजर्व में पुनर्वास करा दिया। तभी से यह बाघ सरिस्का में पर्यटकों को लुभाता रहा है।

बाघ एसटी-4 से संघर्ष में हुआ था घायल

वर्ष 2018 में सरिस्का में बाघ एसटी-6 का बाघ एसटी-4 से क्षेत्र (टैरिटरी) को लेकर भयंकर रूप से संघर्ष हो गया। बाघों के बीच हुए संघर्ष में दोनों चोटिल हो गए। बाघ एसटी-4 का पांव फै्रक्चर गया, जिसकी बाद में एनक्लोजर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस संघर्ष में बाघ एसटी-6 को भी गंभीर चोट आई, वहीं भी करीब 20 दिन एनक्लोजर में इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। इसके बाद भी बाघ एसटी-6 कई बार चोटिल हो चुका है, लेकिन हर बार खतरों से उबर स्वस्थ होता रहा है। पूर्व में इस बाघ के सिर पर घाव, नाक में फोडा होने सहित अन्य कई खतरों को झेल चुका है। इन दिनों बाघ की पूछ के ऊपरी हिस्से पर जख्म है, जिसका इन दिनों इलाज जारी है, फिर भी सोमवार को वह पहाड़ी क्षेत्र क्रास्का में घूम रहा है।

सरिस्का का सबसे उम्रदराज बाघ

बाघ एसटी-6 सरिस्का का सबसे उम्रदराज बाघ है। इस बाघ की उम्र करीब 15 साल है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य: बाघों की उम्र 13 से 15 साल मानी गई है। इस लिहाज से बाघ एसटी-6 का खतरों से उबरना खास बात मानी जा सकती है।

बाघ एसटी-6 पहले भी हुआ चोटिल

सरिस्का का बाघ एसटी-6 पहले भी कई बार चोटिल हुआ है, लेकिन हर बार इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गया। इन दिनों भी बाघ की पूछ के ऊपर घाव का इलाज जारी है। यह बाघ शुक्रवार को पहाड़ी पर चढ़ा था।
सुदर्शन शर्मा
डीएफओ सरिस्का बाघ परियोजना

Published on:
20 Oct 2020 11:56 am
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