अलवर के थानागाजी का जंगल सरिस्का के नए पर्यटन जोन के रूप विकसित होगा। इस जंगल को सरिस्का में शामिल किया जाएगा। अभी इस जंगल को संवारने की जिम्मेदारी अलवर वन मंडल को दी गई है, जिस पर काम शुरू हो गया है।
अलवर के थानागाजी का जंगल सरिस्का के नए पर्यटन जोन के रूप विकसित होगा। इस जंगल को सरिस्का में शामिल किया जाएगा। अभी इस जंगल को संवारने की जिम्मेदारी अलवर वन मंडल को दी गई है, जिस पर काम शुरू हो गया है। बारिश के सीजन में यहां 10 हजार से अधिक पौधे लगाने की तैयारी है। साथ ही, पहाड़ों से आने वाले पानी के जरिए कृत्रिम तालाब भी विकसित किए जाएंगे।
यहां 40 वर्ग किमी एरिया बनेगा पर्यटन जोन
यह एरिया थानागाजी के अंतर्गत अंगारी में आता है, जिसका जंगल करीब 100 हेक्टेयर में है। यहां पैंथर से लेकर जरख, हायना, गीदड़, चीतल आदि विचरण करते हैं। साथ ही कई बार बाघों का मूवमेंट भी रहता है, जिसकी वजह से पर्यटकों की आवाजाही रहती है। एक्सपर्ट के अनुसार यहां करीब 40 वर्गकिमी का नया पर्यटन जोन बन सकता है, जहां तीन से चार घंटे का ट्यूर हो सकता है। इस जंगल को घना करने के लिए पौधरोपण किया जाएगा।
सरिस्का टाइगर रिजर्व में 50 टाइगर हैं। इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए इस 100 हेक्टेयर एरिया को भविष्य में इसी जंगल का हिस्सा बनाया जाएगा। ऐसे में 18 शावक सरिस्का के बड़े हो रहे हैं। वह इस एरिया में अपनी टेरेटरी बना सकते हैं। डीएफओ अलवर वन मंडल राजेंद्र कुमार हुडडा का कहना है कि अंगारी के जंगल पर काम चल रहा है। यहां पौधरोपण और किया जाएगा। यहां जानवरों से लेकर पक्षियों की कई प्रजातियां हैं। कई तालाब विकसित हो गए हैं और भी किए जा रहे हैं।