अलवर में 2 अप्रेल को हुए दंगों के बाद अब विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
अनुसूचित जाति, जनजाति , अन्य पिछडा वर्ग एवं अल्प संख्यक अधिकार मंच ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगें रखी।
मंच के संयोजक सूरजमल कर्दम ने बताया कि ज्ञापन मे निर्दोष लोगों के खिलाफ थानों में दर्ज मामले वापस लेने, व्यापारिक संगठनों की ओर से दर्ज कराए गए मामलों में एफआर लगाने , खैरथल थानाधिकारी के विरूद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मृतक पवन कुमार की पत्नी को सरकारी नौकरी देने तथा शहीद का दर्जा दिलाने सहित अनेक मांगें रखी गई हैं।
कर्दम ने बताया कि उच्चतम न्यायालय की ओर से अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की की गई व्याख्या के संबंध में 2 अप्रेल को भारत बंद के समर्थन में अलवर बंद किया गया था। यह आंदोलन किसी जाति वर्ग व धर्म के खिलाफ नहीं था । उस दिन आंदोलनकारियों की ओर से शंातिपूर्ण बंद कराया जा रहा था। लेकिन विभिन्न व्यापारिक व धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने बंद को असफल करने के लिए दंगा भडक़ाने की कोशिश की। पुलिस ने निदोष लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमों में फंसा दिया अनुसूचित जाति के लोग दोषी नहीं होते हुए भी सजा भुगत रहे हैं।
केंद्रीय एम्पावर्ड कमेटी आज करेगी निरीक्षण
केन्द्रीय एम्पावर्ड कमेटी के अध्यक्ष पीवी जयाकृष्णन, सदस्य सचिव अमरनाथ शेट्टी एवं सदस्य महेन्द्र व्यास गुरुवार को हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंची व अवैध खनन, अवैध क्रेशर का मौका निरीक्षण किया। यह टीम 6 जुलाई को जिले में विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन व अवैध तरीके से चल रहे क्रशर का निरीक्षण करेगी। केन्द्रीय एम्पावर्ड कमेटी के पदाधिकारी 6 जुलाई को सुबह 9 बजे राजस्थान राज्य के हरियाणा सीमा पर खनन क्षेत्रों व क्रेशर साईट का निरीक्षण करेंगे। उनके साथ प्रदेश के खनन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
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